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संघर्ष से सफलता तक: दो भाइयों ने MS Music को बनाया मिलियन क्लब का हिस्सा

CG CINEMA NEWS : अक्सर कहा जाता है कि “हौसले के तरकश में कोशिश का वो तीर जिंदा रखो, हार जाओ चाहे जिंदगी में सब कुछ, मगर फिर से जीतने की उम्मीद जिंदा रखो।” इसी कहावत को चरितार्थ किया है छत्तीसगढ़ के होनहार बेटों मानेश सिन्हा और सेमेश सिन्हा ने। आज इनके डिजिटल म्यूजिक लेबल ‘MS Music’ ने 10 लाख (1 Million) सब्सक्राइबर्स का मील का पत्थर पार कर पूरे प्रदेश को गौरवान्वित किया है।

बचपन की चुनौतियां और पिता का संबल

यह संघर्ष गाथा शुरू होती है एक मध्यमवर्गीय परिवार से, जहाँ बड़े भाई मानेश मात्र 3 वर्ष और छोटे भाई सेमेंश केवल 1 वर्ष के थे, जब उनकी माता का साया सिर से उठ गया। ऐसी कठिन घड़ी में पिता श्री खोमन लाल सिन्हा (जो वर्तमान में ग्राम सरपंच हैं) ने हार नहीं मानी और अपने दोनों पुत्रों को इस काबिल बनाया कि आज वे समाज के लिए प्रेरणापुंज बन गए हैं।

राष्ट्रीय खिलाड़ी से सेना के जवान तक मानेश सिन्हा का सफर

बड़े भाई मानेश सिन्हा का व्यक्तित्व बहुआयामी रहा है। वे न केवल भारतीय सेना के समर्पित जवान हैं, बल्कि एक उत्कृष्ट राष्ट्रीय स्तर के एथलीट भी रहे हैं। उन्होंने कई राष्ट्रीय एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व किया है। इतना ही नहीं, वे सेल (SAIL) एथलेटिक्स अकादमी के कैडेट के रूप में भी प्रशिक्षित हो चुके हैं। खेल के मैदान में मिली इसी अनुशासन और जुझारूपन को उन्होंने अपने जीवन का आधार बनाया।

भाई का त्याग और ‘MS Music’ की सफलता

सेना और खेल में अपनी पहचान बनाने के साथ-साथ मानेश ने अपने छोटे भाई सेमेंश सिन्हा के भविष्य को संवारने का बीड़ा उठाया। मानेश की कड़ी मेहनत और मार्गदर्शन का ही परिणाम है कि आज सेमेंश सिन्हा ‘MS Music’ के ओनर के रूप में स्थापित हो चुके हैं। 10 लाख सब्सक्राइबर्स के साथ यह चैनल आज छत्तीसगढ़ी संगीत और डिजिटल मीडिया जगत में एक बड़ा नाम बन चुका है।