महंगाई,अघोषित बिजली कटौती,बिजली दरों में वृद्धि से राहत देना छोड़ भाजपा सरकार की प्राथमिकता जनता की जेब में डाका डाल सिर्फ अपने उद्योगपति मित्रों को लाभ पहुंचाना ….
खुद को सेवक बताने वाले महापौर का जनता के मुद्दों पर जवाब न देना शहर की जनता से विश्वासघात, भाजपा सरकार की असफलता पूरी तरह से उजागर ….
जगदलपुर।
बढ़ती महंगाई,लगातार अघोषित बिजली कटौती और बिजली दरों में की गई वृद्धि को लेकर भाजपा सरकार पूरी तरह जनता के प्रति असंवेदनशील रवैया अपना रही है।पत्रकारों द्वारा इन गंभीर जनसमस्याओं पर पूछे गए सवालों पर महापौर की चुप्पी इस बात का पुख्ता प्रमाण है कि भाजपा सरकार के पास जनता को जवाब देने के लिए कोई ठोस तर्क नहीं है। उक्त बातें नगर निगम नेता प्रतिपक्ष राजेश चौधरी ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में कही हैं।
राजेश चौधरी ने कहा कि प्रदेश की जनता आज महंगाई की मार से त्रस्त है। खाद्य पदार्थों, रसोई गैस, पेट्रोल-डीजल तथा दैनिक उपयोग की वस्तुओं के बढ़ते दामों ने आम परिवारों का बजट पूरी तरह बिगाड़ दिया है। इसके बावजूद भाजपा सरकार जनता को राहत देने के बजाय लगातार ऐसे फैसले ले रही है, जिससे आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है।प्रदेश में एक ओर भीषण गर्मी और उमस के बीच लगातार अघोषित बिजली कटौती की जा रही है, वहीं दूसरी ओर बिजली दरों में वृद्धि कर उपभोक्ताओं की जेब पर अतिरिक्त भार डाला जा रहा है। बिजली जैसी मूलभूत आवश्यकता पर सरकार की यह नीति पूरी तरह जनविरोधी है। जनता को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने में विफल सरकार अब बढ़ी हुई दरों के माध्यम से लोगों से अधिक वसूली करने में लगी हुई है।
राजेश चौधरी ने आगे बताया कि भाजपा सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट तथा गैर-घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट तक की बढ़ोतरी कर दी है। इससे लाखों परिवारों, छोटे व्यापारियों, दुकानदारों और मध्यम वर्गीय उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। पहले से ही महंगाई की मार झेल रही जनता के लिए यह निर्णय किसी झटके से कम नहीं है।भाजपा सरकार जनता को राहत देने के बजाय अपने उद्योगपति मित्रों को लाभ पहुंचाने में अधिक रुचि दिखा रही है। सरकार की नीतियों का लाभ चुनिंदा बड़े उद्योगपतियों और पूंजीपतियों को मिल रहा है, जबकि आम नागरिकों की समस्याओं की लगातार अनदेखी की जा रही है। बिजली दरों में वृद्धि और अघोषित कटौती इस बात का स्पष्ट संकेत है कि सरकार की प्राथमिकता जनता नहीं, बल्कि उसके करीबी उद्योगपति मित्रगण हैं।
राजेश चौधरी ने कहा कि यदि भाजपा सरकार वास्तव में जनता के हितों के प्रति गंभीर होती तो वह बढ़ती महंगाई पर नियंत्रण करने, बिजली व्यवस्था को मजबूत बनाने और आम उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए ठोस कदम उठाती। लेकिन वर्तमान सरकार के फैसले इसके ठीक विपरीत दिखाई दे रहे हैं। यही कारण है कि जनता के बीच सरकार के प्रति असंतोष लगातार बढ़ रहा है।
खुद को सेवक का दर्जा देने वाले सवालों का जवाब न देकर जनता से विश्वासघात कर रहे हैं महापौर महोदय बढ़ती महंगाई,बिजली कटौती और बिजली दरों में वृद्धि जैसे मुद्दों पर अपनी स्पष्ट राय जनता के सामने रखें!पत्रकारों के सवालों पर मौन रहना जनता के प्रति जवाबदेही से बचने का प्रयास है।जनता जानना चाहती है कि आखिर भाजपा नेता इन जनविरोधी फैसलों का समर्थन क्यों कर रहे हैं।
कांग्रेस पार्टी की मांग है की कि प्रदेश की साय सरकार बिजली दरों में की गई वृद्धि को तत्काल वापस ले, अघोषित बिजली कटौती पर रोक लगाए तथा बढ़ती महंगाई से राहत देने के लिए प्रभावी कदम उठाए। अन्यथा कांग्रेस पार्टी जनता के हित में सड़क से सदन तक व्यापक जन आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।
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