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बिजली के दाम बढ़ाना जनता पर अत्याचार, पांचवी बार बिजली दरों में वृद्धि का कांग्रेस करती है पुरजोर विरोध- मोहन मरकाम

=भाजपा से सरकार नहीं संभल रहा,केवल जनता पर बोझ डालने का काम कर रही ….

जगदलपुर।
आज संभाग मुख्यालय राजीव भवन जगदलपुर में बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी के शहर अध्यक्ष सुशील मौर्य की अध्यक्षता में पूर्व मंत्री मोहन मरकाम ने आयोजित प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए कहा भाजपा सरकार का बिजली के दाम बढ़ाना जनता पर अत्याचार है बिजली के दाम पांचवी बार बढ़ाये जाने का कांग्रेस पार्टी पुरजोर विरोध करती है,भाजपा सरकार ने इस बार घरेलू उपभोक्ताओं के दाम में 30 से 50 पैसे तथा गैर घरेलू में 20 से 40 पैसे की बढ़ोत्तरी किया है। भाजपा सरकार ने किसानों को भी नहीं बख्शा कृषि के पंप की बिजली में भी 40 पैसे की बढ़ोत्तरी की गयी है।भाजपा की सरकार बनने के बाद लगातार पांचवी बार बिजली के दाम बढ़ाये गये है। पहले से ही बिजली के बेतहाशा बिल जनता की परेशानी का कारण बने हुये है। सरकार उसमें राहत देने के बजाय बिजली के दामो में बढ़ोत्तरी कर रही है।हाल ही में भाजपा सरकार ने बिजली के दामों में 12 प्रतिशत विद्युत ईंधन अधिभार (एमपीपीएस) के रूप में बढ़ोत्तरी किया था।

पूर्व मंत्री मोहन मरकाम ने आगे कहा कांग्रेस की सरकार ने 5 साल में केवल 2 पैसे की बढ़ोत्तरी बिजली के दामों में किया था, उसमें भी 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना लागू थी।भाजपा से सरकार नहीं संभल नहीं रही है। वह केवल जनता पर बोझ डालने का काम करती है। 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना बंद करने के बाद पांच बार बिजली के दाम बढ़ाया जाना जनता पर बोझ है।सरकार का बिजली विभाग उपभोक्ताओं को बिल के नाम पर लूटने में लगा है।

पिछले कुछ महिनों से बिजली के बिल तीन से चार गुना आ रहे है।उपभोक्ताओं को एक ही माह में ऑनलाइन, ऑफलाइन में अलग बिल भेजा जा रहा है। बिजली के खपत का अनुबंध भार क्षमता बिना उपभोक्ता की सहमति के बढ़ा दिया जा रहा है। जबकि उपभोक्ता की सहमति के बिना उसका अनुबंध भार नहीं बढ़ाया जा सकता।

पूर्व मंत्री मोहन मरकाम ने बताया स्मार्ट मीटर से खपत बढ़ा कर फिर खपत ज्यादा होने का हवाला देकर अनुबंध भार बढ़ा दिया जा रहा है और एग्रीमेंट से अधिक खपत की बात कर बड़े अनुबंध भार के आधार पर अर्थदंड जोडकर बिजली के बिल भेजे जा रहे है।जून माह में 45 लाख से अधिक बिजली उपभोक्ताओं का बिजली बिल औसत से तीन गुना आया है। जनता बढ़े बिजली बिल से परेशान हो गयी है। भाजपा सरकार जनता को राहत देने के बजाय जनता को लूटने में लगी है।जनता बिजली कटौती से परेशान है। सरकार 24 घंटे बिजली नहीं दे पा रही उपर से अनाप-शनाप बिजली बिल भेज रही है।

बिजली के बड़े बिल से पिछले ढाई साल से जनता पर बोझ डाला जा रहा था लेकिन इस माह बढ़े हुए आए बिजली बिल के कारण जनता परेशान हो गई है। औसतन हर उपभोक्ता का बिजली बिल तीन गुना आया है।हर जगह बिजली उपभोक्ताओं की शिकायत है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद से उनकी खपत वास्तविक खपत से अधिक बताई जा रही है, स्मार्ट मीटर सामान्य मीटर की तुलना में बहुत तेजी से चल रहा है।बिजली बिल ज्यादा आने का तीन कारण है। पहला सरकार ने बिजली के दाम बढ़ा दिया है। दूसरा बिजली बिल हाफ योजना बंद हो गई। तीसरा स्मार्ट मीटर लगाए गए है जो अनाप शनाप खपत से अधिक रीडिंग बता रहा जिससे बिल अधिक आ रहा।उत्तरप्रदेश में स्मार्ट मीटर वहां की भाजपा सरकार ने वापस लेने का निर्णय लिया है। छत्तीसगढ़ में भी सरकार जनहित में स्मार्ट मीटर वापस ले।

इस प्रेसवार्ता में मुख्य रूप से ग्रामीण अध्यक्ष प्रेमशंकर शुक्ला,नेता प्रतिपक्ष राजेश चौधरी,रविशंकर तिवारी, महामंत्री प्रशांत जैन, अल्ताफ उल्ला खान, ब्लॉक अध्यक्ष सूर्यापानी,वेंकट राव, रोजविन दास,लता निषाद, लखेश्वर कश्यप, एस नीला आदि मौजूद रहे।