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बड़ी खबर: छत्तीसगढ़ में पेट्रोल-डीजल को लेकर सरकार सख्त, वहीं जेवर एयरपोर्ट का भव्य उद्घाटन — देशभर में आज की बड़ी अपडेट्स!

रायपुर में हाईलेवल बैठक — पेट्रोल, डीजल और गैस को लेकर CM विष्णुदेव साय का बड़ा बयान

रायपुर में राज्य सरकार ने पेट्रोल, डीजल और गैस की उपलब्धता को लेकर उच्चस्तरीय बैठक की। इस बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने की, जिसमें पेट्रोलियम कंपनियों के अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में किसी भी प्रकार की ईंधन कमी नहीं है और आम जनता से अपील की कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें।


कमर्शियल गैस सप्लाई बढ़ी — होटल और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को बड़ी राहत

राज्य सरकार ने कमर्शियल गैस सप्लाई में 20% की वृद्धि कर बड़ा फैसला लिया है। अब होटल, कैंटीन और अन्य व्यावसायिक संस्थानों को लगभग 70% तक गैस उपलब्ध हो सकेगी, जिससे व्यापारिक गतिविधियों को राहत मिलने की उम्मीद है।


गैस कालाबाजारी पर सख्ती — 335 छापे, हजारों सिलेंडर जब्त, 97 FIR दर्ज

गैस की संभावित किल्लत को देखते हुए प्रशासन ने सख्त कार्रवाई भी की है। 25 मार्च तक 335 स्थानों पर छापेमारी की गई, जिसमें 75 मामले दर्ज हुए, 3841 सिलेंडर जब्त किए गए और 97 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। यह कार्रवाई अवैध भंडारण और कालाबाजारी पर लगाम लगाने के लिए की गई है।


ग्रेटर नोएडा में ऐतिहासिक पल — प्रधानमंत्री मोदी ने किया जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन

ग्रेटर नोएडा में आज देश के बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में से एक नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण का उद्घाटन नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया।
इस मौके पर योगी आदित्यनाथ सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।


11,200 करोड़ की लागत से तैयार एयरपोर्ट — बनेगा मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब

करीब 11,200 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस एयरपोर्ट को एक मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब के रूप में विकसित किया गया है। यहां सड़क, रेल, मेट्रो और अन्य परिवहन साधनों की बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध होगी, जिससे क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी।


पीएम मोदी का विपक्ष पर हमला — ‘2003 से फाइलों में अटका था प्रोजेक्ट’

लोकार्पण के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस एयरपोर्ट को मूल रूप से अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने 2003 में मंजूरी दी थी, लेकिन वर्षों तक यह परियोजना फाइलों में ही अटकी रही।
उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा कि 2004 से 2014 तक केंद्र और राज्य सरकारों के कारण इस परियोजना में देरी हुई।


‘डबल इंजन सरकार’ का उदाहरण — विकास की नई दिशा का दावा

प्रधानमंत्री ने इसे ‘डबल इंजन सरकार’ की कार्यशैली का उदाहरण बताते हुए कहा कि केंद्र और राज्य में एक जैसी सरकार होने से ही इस तरह के बड़े प्रोजेक्ट तेजी से पूरे हो पाते हैं।