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जनकल्याणकारी योजनाओं से संवर रहा तनीषा का भविष्य, बास्तानार के श्रमिक किरण ठाकुर की प्रेरक कहानी

जगदलपुर | 24 मार्च 2026

ग्रामीण अंचलों में शिक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण की योजनाएं धरातल पर दिखा रहीं असर
जगदलपुर – ग्रामीण अंचलों में शिक्षा की अलख जगाने और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को संबल देने की शासन की मंशा अब धरातल पर प्रभावी होती नजर आ रही है। विकासखण्ड बास्तानार के ग्राम तुरांगुर निवासी किरण ठाकुर की कहानी इसका जीवंत उदाहरण है, जहां सरकारी सहायता ने एक पिता के अपनी बेटी को बेहतर शिक्षा दिलाने के संकल्प को नई दिशा दी है।

निर्माण श्रमिक किरण ठाकुर ने योजनाओं का लाभ लेकर बेटी की शिक्षा को दी मजबूती
पंजीकृत निर्माण श्रमिक के रूप में कार्यरत किरण ठाकुर अपनी सुपुत्री तनीषा ठाकुर को बेहतर शिक्षा दिलाने के लिए लगातार प्रयासरत थे, जो वर्तमान में कक्षा 9वीं में अध्ययनरत है। इसी दौरान उन्हें अपने एक मित्र के माध्यम से शासन की जनकल्याणकारी मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना की जानकारी मिली। शिक्षा के प्रति जागरूक किरण ने आवश्यक दस्तावेजों के साथ श्रम संसाधन केंद्र में आवेदन किया, जिसके सकारात्मक परिणाम जल्द सामने आए।

डीबीटी के माध्यम से मिली आर्थिक सहायता, योजनाओं ने दूर की वित्तीय बाधाएं
डीबीटी के माध्यम से किरण ठाकुर के बैंक खाते में मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत 3,000 रुपये की सहायता राशि सीधे हस्तांतरित की गई। इसके अतिरिक्त, निर्माण श्रमिकों के बच्चों हेतु निःशुल्क गणवेश एवं पुस्तक-कॉपी सहायता योजना के तहत 2,000 रुपये की अतिरिक्त राशि भी प्राप्त हुई। कुल 5,000 रुपये की इस आर्थिक सहायता ने तनीषा की पढ़ाई में आने वाली वित्तीय बाधाओं को काफी हद तक दूर कर दिया है।

योजनाओं को बताया वरदान, अन्य श्रमिकों के लिए बना प्रेरणा स्रोत
अपनी खुशी व्यक्त करते हुए किरण ठाकुर ने बताया कि श्रम विभाग द्वारा संचालित ये योजनाएं उनके जैसे हजारों पंजीकृत श्रमिकों के लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं। उन्होंने कहा कि इन कल्याणकारी योजनाओं की निरंतरता से अब गरीब तबके के बच्चों की शिक्षा में आर्थिक तंगी बाधा नहीं बनेगी। किरण ठाकुर की यह सफलता की कहानी क्षेत्र के अन्य श्रमिकों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन रही है, जो अपने बच्चों के उज्जवल भविष्य का सपना देख रहे हैं।