ईद-उल-फितर के अवसर पर मिताली चौक व दरगाह परिसर में हुआ प्रेरणादायक आयोजन
जगदलपुर, 21 मार्च 2026: ईद-उल-फितर के पावन अवसर पर जगदलपुर के मिताली चौक एवं दरगाह परिसर के समीप “कलम की ईदी” कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना और आपसी भाईचारे को मजबूत करना रहा।

बच्चों, पत्रकारों और पुलिसकर्मियों को कलम भेंट कर दिया गया शिक्षा का संदेश
इस अवसर पर बच्चों, समाज के प्रमुख लोगों, पत्रकारों एवं ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों को कलम वितरित कर एक प्रेरणादायक संदेश दिया गया—
“एक रोटी कम खाओ, लेकिन अपने बच्चों को जरूर पढ़ाओ।”
इस पहल के माध्यम से शिक्षा को प्राथमिकता देने और समाज में सकारात्मक सोच विकसित करने का संदेश दिया गया।

पांच वर्षों से निरंतर चल रहा अभियान, समाज में शिक्षा और एकता को बढ़ावा
यह सराहनीय पहल हाजी वसीम अहमद, प्रदेश उपाध्यक्ष, ऑल मुस्लिम वेलफेयर फाउंडेशन छत्तीसगढ़ द्वारा पिछले पांच वर्षों से निरंतर संचालित की जा रही है। उनके नेतृत्व में यह अभियान पूरे प्रदेश में मोहम्मद सिराज के मार्गदर्शन में चलाया जा रहा है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शिक्षा को प्रोत्साहित करना और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना है।

पत्रकारों को किया गया सम्मानित, समाज के प्रति योगदान की सराहना
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न समाजों के गणमान्य व्यक्तियों के साथ-साथ पत्रकारों को भी “कलम की ईदी” प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस क्रम में बस्तर 24न्यूज़ के पत्रकार सिराज खान, वरिष्ठ पत्रकार सुमित वाजपेयी एवं पत्रकार सुनील साहू को सम्मानित किया गया। समाज में उनकी भूमिका को सराहते हुए उन्हें जनहित के मुद्दों को सामने लाने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

पुलिस अधिकारियों को भी भेंट की गई कलम, सेवा के प्रति जताया आभार
कार्यक्रम के दौरान दरगाह परिसर के पास ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों को भी कलम भेंट की गई। समाज की सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने में उनके योगदान के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्हें इस पहल से जोड़ा गया।
शिक्षा के महत्व पर वक्ताओं ने रखा जोर, नई पीढ़ी को किया प्रेरित
कार्यक्रम में अखिल भारतीय परिसंघ के जिला अध्यक्ष सतीश वानखेड़े ने शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए सभी को अपने बच्चों को शिक्षित करने का संदेश दिया। उनके पुत्र साकेत वानखेड़े ने डॉ. भीमराव अंबेडकर के प्रेरणादायक विचार—
“शिक्षा वह शेरनी का दूध है, जो पिएगा वही दहाड़ेगा”—
को साझा कर उपस्थित लोगों को प्रेरित किया।
विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी, भाईचारे और एकता का संदेश
इस आयोजन में प्रकाश ठाकुर (अध्यक्ष, सर्व आदिवासी समाज, बस्तर संभाग), दिनेश यादव (अध्यक्ष, पिछड़ा वर्ग महासभा), नवीन बोथरा (समाजसेवी), रत्नेश बेंजामिन (उपाध्यक्ष, क्रिश्चियन फोरम), अब्दुल रशीद पवार सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने एकजुट होकर समाज में सौहार्द, एकता और सहयोग का संदेश दिया।
“कलम की ईदी” जैसे कार्यक्रम समाज में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ सामाजिक समरसता और सकारात्मक सोच को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
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