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जगदलपुर बस स्टैंड पर 5 करोड़ का प्रावधान कहाँ गया? पार्षद जोयस्टीन भवानी ने उठाए बड़े सवाल

“विकास के नाम पर केवल कागजी खेल?”—बस स्टैंड के आधुनिकीकरण में देरी पर नगर निगम की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल

जगदलपुर। शांति नगर वार्ड की पार्षद श्रीमती जोयस्टीन भवानी ने शहर के बस स्टैंड के विकास और आधुनिकीकरण को लेकर नगर निगम पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने सीधे तौर पर पूछा है कि जब वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में बस स्टैंड के विकास के लिए 5 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था, तो अब तक इस दिशा में कोई ठोस कार्य क्यों नहीं किया गया।

“शहर की आन-बान-शान के साथ खिलवाड़”—पार्षद का तीखा बयान

पार्षद भवानी ने कहा कि बस स्टैंड किसी भी शहर की पहचान होता है, लेकिन जगदलपुर में इसकी हालत लगातार खराब होती जा रही है। उन्होंने इसे शहर की “आन-बान-शान” बताते हुए कहा कि इसके सुधार के बजाय इसे नजरअंदाज करना बेहद चिंताजनक है।

बजट में प्रावधान, जमीन पर काम नहीं—राशि के उपयोग पर सवाल

उन्होंने आरोप लगाया कि बजट में बड़े-बड़े प्रावधान तो दिखाए जाते हैं, लेकिन उनका क्रियान्वयन नहीं होता। यदि बस स्टैंड के लिए 5 करोड़ का प्रावधान था, तो वह राशि आखिर खर्च कहाँ हुई? क्या यह केवल कागजों में दिखाने के लिए था?

पिछले सत्र में दिए गए प्रस्ताव भी रहे अधूरे

पार्षद ने बताया कि उन्होंने पिछले सत्र में बस स्टैंड के नवीनीकरण, बीच में गोमती निर्माण और पीछे पार्क विकसित करने का प्रस्ताव दिया था, जिसे बजट में शामिल भी किया गया। लेकिन इसके बावजूद कोई ठोस कार्य नहीं हुआ, जिससे स्थिति और बिगड़ती जा रही है।

नए सत्र में फिर रखा प्रस्ताव, अब जवाब का इंतजार

उन्होंने कहा कि इस बार भी लिखित रूप में बस स्टैंड के सौंदर्यीकरण का प्रस्ताव दिया गया है। अब यह देखना होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इस दिशा में गंभीरता दिखाते हैं या फिर केवल आश्वासन ही मिलता रहेगा।

अन्य विकास कार्यों के प्रावधान पर भी उठाए सवाल

पार्षद भवानी ने केवल बस स्टैंड ही नहीं, बल्कि अन्य कई विकास कार्यों पर भी सवाल उठाए हैं, जिनमें—

  • विद्युत खंभों का विस्तार (50 लाख)
  • सफाई वाहनों की खरीदी (10 करोड़)
  • आवारा पशु नियंत्रण (25 लाख)
  • महिला रोजगार योजनाएं (25 लाख)
  • ट्रैफिक सिग्नल शेड (50 लाख)
  • तालाबों का जीर्णोद्धार व सौंदर्यीकरण (20 करोड़)
  • पार्क और मैदान विकास (5 करोड़)
  • मुक्तिधाम और कब्रिस्तान सुविधाएं (3 करोड़)
  • एमआर रोड निर्माण (50 करोड़)
  • घाट निर्माण (2 करोड़)

इन सभी कार्यों के लिए बजट में प्रावधान होने के बावजूद उनकी वर्तमान स्थिति पर पार्षद ने पारदर्शिता की मांग की है।

“जनता को जवाब देना होगा”—पार्षद की मांग

पार्षद ने कहा कि जिम्मेदार अधिकारियों को यह स्पष्ट करना चाहिए कि इन योजनाओं में कितना काम हुआ, कितनी राशि खर्च हुई और वर्तमान स्थिति क्या है। उन्होंने अपील की कि कुछ समय निकालकर जनता के सामने पूरी जानकारी रखी जाए।

शहर के विकास पर राजनीति से ऊपर उठने की अपील

अंत में पार्षद जोयस्टीन भवानी ने कहा कि जगदलपुर केवल एक शहर नहीं, बल्कि सभी की पहचान और गौरव है। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से अपील की कि राजनीति से ऊपर उठकर शहर के विकास के लिए ईमानदारी से काम करें, ताकि योजनाएं केवल कागजों तक सीमित न रहें।