पीडब्ल्यूडी एक्ट 1995 और दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 की जानकारी के साथ शिक्षकों-पालकों को संवेदनशील वातावरण निर्माण का दिया गया प्रशिक्षण
जगदलपुर। राज्य कार्यालय के निर्देशानुसार एवं कलेक्टर आकाश छिकारा के मार्गदर्शन में समग्र शिक्षा के अंतर्गत समावेशी शिक्षा को सशक्त बनाने के उद्देश्य से एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण 18 मार्च 2026 को शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, जगदलपुर में आयोजित हुआ।

दिव्यांग बच्चों की शिक्षा में समन्वय और जागरूकता पर जोर
प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य हाई एवं हायर सेकेंडरी विद्यालयों के प्राचार्य, व्याख्याता एवं पालकों को पीडब्ल्यूडी एक्ट 1995 और दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 में उल्लेखित 21 प्रकार की दिव्यांगताओं की जानकारी प्रदान करना था। इसके साथ ही दिव्यांग बच्चों की शिक्षा में शिक्षक और पालकों के बीच समन्वय स्थापित करने पर विशेष जोर दिया गया।
आईईपी, सुगम्य पाठ्यक्रम और डिजिटल शिक्षा पर विशेष जानकारी
प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को आईईपी (Individual Education Plan) के निर्माण, उसके लाभ, दिव्यांगता के कारण एवं उसके निदान के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही सुगम्य पाठ्यक्रम के अंतर्गत किए जा रहे प्रयासों, आधुनिक परिप्रेक्ष्य में कंप्यूटर और मोबाइल के माध्यम से शिक्षा प्रदान करने तथा विभिन्न दिव्यांगताओं के लिए उपयोगी सॉफ्टवेयर की जानकारी भी साझा की गई।
मास्टर ट्रेनर्स ने साझा किया अनुभव और तकनीकी ज्ञान
इस प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर्स तेजमणी दास, मधु साहू, सचिन देव कुर्रे और चन्द्रशेखर नायडू द्वारा विषय आधारित मार्गदर्शन दिया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में प्राचार्य, व्याख्याता और पालक उपस्थित रहे।
अधिकारियों के मार्गदर्शन में सफल आयोजन
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रतीक जैन, सहायक कलेक्टर विपिन दुबे, जिला शिक्षा अधिकारी बी.आर. बघेल, डीएमसी अशोक पाण्डे, एडीपीओ श्रीमती जयंती कश्यप, आईईडी प्रभारी एस.एन. निर्मलकर एवं एपीसी जयनारायण पाणिग्राही के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
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