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विधानसभा में गूंजा PM सड़क भुगतान मुद्दा, 14वें दिन सवालों और बहस से गरमाया सदन

CG  Budget Session 2026: छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र का आज 14वां दिन है और सदन में आज काफी हलचल रहने वाली है। कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी, जिसमें धर्म स्वतंत्रता विधेयक सबसे ज्यादा चर्चा में रहेगा।

छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र का आज 19 मार्च को 14वां दिन है। आज सदन में PM सड़क भुगतान का मुद्दा गूंजा। विधायक जनक ध्रुव ने इस मुद्दे को उठाते हुए ठेकेदारों के बकाया भुगतान की जानकारी मांगी है। इस पर  उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने जवाब दिया। जिसमें उन्होंने बताया कि 181.90 करोड़ भुगतान अब भी बाकी है। तो हालांकि विपक्ष ने CBI जांच की मांग उठाई है। इस पर विजय शर्मा का कहना है कि सचिव स्तर के अफसरों से जांच कराएंगे। जिसमें दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इसे आज सदन में पेश कर पास कराने की तैयारी है। साथ ही फोर्टीफाइड चावल वितरण में गड़बड़ी जैसे मुद्दे भी उठेंगे, जिन पर सरकार को जवाब देना पड़ेगा।

आज गुरुवार 19 मार्च को सदन में डिप्टी सीएम विजय शर्मा और मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल अलग-अलग सवालों के जवाब देंगे। खास तौर पर राशन में मिलने वाले फोर्टीफाइड चावल में गड़बड़ी का मामला जोर पकड़ सकता है। इस मुद्दे पर विधायक ओंकार साहू और सुशांत शुक्ला ध्यानाकर्षण के जरिए सरकार से जवाब मांगेंगे।

इसके अलावा विशेष सहायता योजना के पैसों में गड़बड़ी का मुद्दा भी उठेगा, जिस पर सरकार को सफाई देनी होगी।

धर्म स्वातंत्र्य विधेयक होगा पेश

आपको बता दें आज विधानसभा में संशोधन विधेयक पेश होगा। डिप्टी सीएम विजय शर्मा विधेयक पेश करेंगे। इसक आज पारित होने के आसार हैं। सदन में विधेयक पर चर्चा की संभावना है। इसे लेकर पक्ष-विपक्ष के बीच बहस हो सकती है।

नगर एवं ग्राम निवेश संशोधन विधेयक

नगर एवं ग्राम निवेश संशोधन विधेयक और गृह निर्माण मंडल से जुड़े संशोधन विधेयक पर भी चर्चा होगी और इन्हें पास किया जा सकता है। अलग-अलग विभागों से जुड़े दस्तावेज भी आज सदन में रखे जाएंगे।

वहीं विधायक सुशांत शुक्ला के एक अहम सवाल पर आधे घंटे की विशेष चर्चा भी तय की गई है, जिसमें खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री जवाब देंगे।

छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक बिल क्या है

छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026 (छग धर्म स्वतंत्रता विधेयक) छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा लाया गया एक सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून है, जिसका उद्देश्य प्रलोभन, बल, धोखाधड़ी या विवाह के माध्यम से होने वाले अवैध धर्मांतरण को रोकना है। 2026 के इस नए ड्राफ्ट में 7 से 10 साल तक की जेल और सामूहिक धर्मांतरण पर आजीवन कारावास का प्रावधान है।