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नगर निगम की सामान्य सभा में हंगामा, नेता प्रतिपक्ष और महापौर के बीच तीखी बहस से गरमाया माहौल

पार्किंग और दुकान आबंटन के मुद्दे पर सामान्य सभा बनी विवाद का केंद्र
जगदलपुर। नगर पालिक निगम जगदलपुर में आयोजित सामान्य सभा की बैठक उस समय हंगामेदार हो गई जब पार्किंग और दुकान आबंटन के मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने सामने आ गए। बुधवार को हुई इस बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा के बीच माहौल अचानक गरमा गया और बैठक विवादों में घिर गई।


जानकारी नहीं देने के आरोप पर नेता प्रतिपक्ष ने जताई नाराजगी
नेता प्रतिपक्ष राजेश चौधरी ने महापौर संजय पांडे पर आवश्यक जानकारी उपलब्ध नहीं कराने का आरोप लगाते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई और बीच बचाव करने पहुंचे अन्य पार्षदों के बीच भी जमकर हंगामा देखने को मिला।


भूमि आबंटन और भ्रष्टाचार के आरोपों पर आमने सामने आए दोनों पक्ष
बैठक के दौरान नेता प्रतिपक्ष ने एक समाज को भूमि आबंटन पर आपत्ति जताते हुए भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। इस पर महापौर संजय पांडे ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जिस भूमि की बात की जा रही है वह नगर निगम की ही नहीं है, इसलिए लगाए गए आरोप निराधार हैं।


निविदा प्रक्रिया और विकास कार्यों में पक्षपात के आरोप से बढ़ा विवाद
मीडिया से चर्चा करते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जनहित के मुद्दों पर कांग्रेस ने हमेशा समर्थन दिया है, लेकिन दुकान आबंटन के मामले में कम निविदा पर पुनः निविदा बुलाने की मांग को नजरअंदाज कर बहुमत के आधार पर प्रस्ताव पारित किया गया। उन्होंने विकास कार्यों में पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा कि केवल कुछ वार्डों में ही कार्य दिए जा रहे हैं।


महापौर ने आरोपों को बताया निराधार, विकास कार्यों पर दिया जोर
महापौर संजय पांडे ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सामान्य सभा में कई प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए हैं, जिनमें विपक्ष का भी समर्थन रहा है। उन्होंने कहा कि नगर निगम क्षेत्र के समग्र विकास के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और सभी वार्डों में पार्षदों की मांग के अनुसार कार्य कराए जा रहे हैं।


तकनीकी व्यवस्थाओं और पूर्व कार्यकाल को लेकर भी हुई सियासी बयानबाजी
महापौर ने कहा कि निगम द्वारा संचालित मशीनों के लिए तकनीकी टीम की आवश्यकता होती है, इसलिए विशेषज्ञों की मदद से कार्य किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने पूर्व कार्यकाल पर सवाल उठाते हुए कहा कि पहले के वर्षों में अनावश्यक खर्च और अनियमितताएं हुई थीं, जबकि वर्तमान में पारदर्शिता के साथ कार्य किया जा रहा है।


हंगामे के बीच समाप्त हुई बैठक, राजनीतिक बयानबाजी रही जारी
सामान्य सभा की बैठक हंगामे और आरोप प्रत्यारोप के बीच संपन्न हुई। बैठक के बाद भी दोनों पक्षों के बीच बयानबाजी जारी रही, जिससे साफ है कि नगर निगम की राजनीति में आगामी दिनों में और अधिक गर्माहट देखने को मिल सकती है।