स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर बढ़ी चिंता, प्रातःकालीन शाला संचालन की उठी मांग
जगदलपुर। लगातार बढ़ती गर्मी और स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने शाला समय में परिवर्तन की मांग की है। इस संबंध में एसोसिएशन ने जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखकर सभी स्कूलों का संचालन प्रातःकालीन करने का आग्रह किया है।

ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले छात्रों को दोपहर की गर्मी में हो रही परेशानी
संघ के जिलाध्यक्ष डॉ लुदरसन कश्यप ने बताया कि इस वर्ष पिछले वर्ष की तुलना में अधिक गर्मी पड़ रही है। ऐसे में खासकर दूर-दराज ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले छात्रों के लिए दोपहर के समय पढ़ाई करना कठिन हो जाएगा। इससे विद्यार्थियों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
केंद्रीकृत परीक्षाओं के चलते समय में असमानता से बढ़ रही व्यवहारिक दिक्कतें
उन्होंने जानकारी दी कि 16 मार्च से केंद्रीकृत परीक्षाएं शुरू हो चुकी हैं, जो प्रातःकालीन समय में संचालित हो रही हैं। जबकि नियमित शालाओं का संचालन अलग-अलग समय में होने से छात्रों और शिक्षकों को व्यवहारिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
प्रदेश के अन्य जिलों में लागू व्यवस्था, बस्तर में अब तक नहीं हुआ निर्णय
एसोसिएशन ने बताया कि प्रदेश के कई जिलों में पहले ही प्रातःकालीन शाला संचालन के आदेश जारी किए जा चुके हैं, लेकिन बस्तर जिले में अब तक इस दिशा में कोई निर्णय नहीं लिया गया है। ऐसे में यहां भी जल्द निर्णय लिया जाना आवश्यक है।
प्रशासन से जल्द निर्णय लेने की अपील, विद्यार्थियों को राहत देने पर जोर
छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रवीण श्रीवास्तव ने प्रशासन से शीघ्र निर्णय लेने की मांग की है। उन्होंने कहा कि समय रहते शाला समय में बदलाव किया जाना जरूरी है, ताकि विद्यार्थियों को भीषण गर्मी से राहत मिल सके और उनकी पढ़ाई तथा स्वास्थ्य प्रभावित न हो।
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