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बस्तर के बेटे श्रीवर ने भारतीय छात्र संसद में रचा इतिहास; कमलचंद्र भंजदेव ने दी बधाई

जगदलपुर | पुणे में आयोजित प्रतिष्ठित भारतीय छात्र संसद में बस्तर के युवा श्रीवर ने न केवल छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व किया, बल्कि बस्तर के इतिहास में पहली बार राष्ट्रीय स्तर का सम्मान प्राप्त कर क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर बस्तर राजपरिवार के सदस्य कमलचंद्र भंजदेव ने श्रीवर को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए उनकी सराहना की है।

प्रमुख बिंदु:
ऐतिहासिक उपलब्धि: बस्तर के इतिहास में यह पहली बार है जब किसी छात्र ने भारतीय छात्र संसद जैसे बड़े मंच पर राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त किया है।

नेतृत्व का परिचय: श्रीवर ने पुणे में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करते हुए अपनी प्रखर वक्तृत्व शैली और नेतृत्व क्षमता का प्रदर्शन किया।

राजपरिवार का गौरव: कमलचंद्र भंजदेव ने इस उपलब्धि को बस्तर की युवा प्रतिभाओं के लिए प्रेरणास्रोत बताया।

कमलचंद्र भंजदेव का संदेश
श्रीवर की सफलता पर हर्ष व्यक्त करते हुए कमलचंद्र भंजदेव ने कहा:
“बस्तर की मिट्टी में प्रतिभा की कमी नहीं है। श्रीवर ने राष्ट्रीय मंच पर बस्तर के गौरव को बढ़ाकर यह सिद्ध कर दिया है कि हमारे युवा सही अवसर मिलने पर पूरे देश में अपनी छाप छोड़ सकते हैं। उनकी यह जीत बस्तर के हर उस छात्र की जीत है जो भविष्य में नेतृत्व की राह पर चलना चाहता है।”

क्या है भारतीय छात्र संसद?
भारतीय छात्र संसद देश का एक ऐसा मंच है जहाँ देशभर के युवा विचारों का आदान-प्रदान करते हैं और लोकतंत्र व शासन प्रणाली की बारीकियों को समझते हैं। इस मंच पर सम्मानित होना युवाओं के लिए सर्वोच्च गौरव की बात मानी जाती है।यह मंच महत्वपूर्ण हैं क्युकी यहां समय समय पर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, और केंद्रीय मंत्री जैसे दिग्गज आपने विचार साझा करते हैं इस मंच तक पहुंचकर राष्ट्रीय सम्मान पाने वाले श्रीवर सिंह ठाकुर बस्तर के पहले युवा साहित्यकार हैंl