बिलासपुर में जन चेतना भारत पार्टी ने उच्च शिक्षा में पारदर्शिता, समानता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से University Grants Commission (UGC) द्वारा प्रस्तावित सुधारों का पूर्ण समर्थन करने की घोषणा की।

पार्टी का कहना है कि देश की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत, निष्पक्ष और भेदभाव-मुक्त बनाना समय की आवश्यकता है। विश्वविद्यालयों में समान अवसर, सामाजिक समरसता और शैक्षणिक गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए सकारात्मक कदमों का स्वागत किया जाना चाहिए।

समर्थन कार्यक्रम में प्रमुख सहभागिता
UGC सुधारों के समर्थन में आयोजित कार्यक्रम में अलिम अंसारी, रवि यादव, हसन अली, खगेश केवट, मनोज जांगड़े, संत सोंडरे, गेसन सेन, मुकेश जांगड़े, मनोज कुशवाहा, प्रकाश कैटर्स, नसीम, आगर दास एवं प्रकाश माली सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में सर्वसम्मति से यह संकल्प लिया गया कि शिक्षा सुधारों के विरुद्ध फैलाए जा रहे भ्रम और राजनीतिक विरोध का लोकतांत्रिक तरीके से जवाब दिया जाएगा। साथ ही व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय भी लिया गया।

राष्ट्रीय अध्यक्ष का बयान
पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सरदार जसबीर सिंह ने कहा कि कुछ समूह इन सुधारों को गलत तरीके से प्रस्तुत कर छात्रों और अभिभावकों के बीच भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा जैसे संवेदनशील विषय पर राजनीति करना राष्ट्रहित में नहीं है।

पार्टी का स्पष्ट मत
- शिक्षा में पारदर्शिता अनिवार्य है।
- किसी भी प्रकार के भेदभाव को सख्ती से रोका जाना चाहिए।
- छात्रों के भविष्य से समझौता नहीं किया जा सकता।
- सुधारों को तथ्य और संवाद के आधार पर देखा जाना चाहिए।
जन चेतना भारत पार्टी ने देश के विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों से अपील की है कि वे शिक्षा सुधारों का समर्थन करें और सकारात्मक परिवर्तन में सहभागी बनें।
“मजबूत शिक्षा ही सशक्त भारत की नींव है।”
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