कराची। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबर फैलते ही पाकिस्तान के कराची शहर में भीषण हिंसा भड़क उठी। अमेरिका के खिलाफ नाराजगी जताते हुए हजारों की भीड़ सड़कों पर उतर आई और देखते ही देखते विरोध प्रदर्शन उग्र रूप धारण कर गया।
दूतावास पर हमला और तोड़फोड़
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उत्तेजित भीड़ ने कराची स्थित अमेरिकी दूतावास को चारों तरफ से घेर लिया। प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका विरोधी नारे लगाए और दूतावास के बाहर आगजनी शुरू कर दी, जिससे पूरे इलाके में काले धुएं का गुबार फैल गया।
अमेरिकी फायरिंग में हताहत
प्रदर्शन के दौरान अमेरिकी सुरक्षा बलों की फायरिंग में अब तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है और 30 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
सुरक्षा बलों का जवाब
स्थिति बेकाबू होते देख पाकिस्तान के सुरक्षा बलों और पुलिस की अतिरिक्त टुकड़ियों ने मोर्चा संभाला। उन्होंने दूतावास की ओर जाने वाले सभी रास्तों को सील कर दिया और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। अधिकारियों ने बताया कि प्रदर्शनकारियों की संख्या इतनी अधिक थी कि उन्हें नियंत्रित करना मुश्किल हो रहा था।
अन्य क्षेत्रों में सतर्कता
खामेनेई की मौत के बाद पाकिस्तान के अन्य संवेदनशील इलाकों में भी सुरक्षा सतर्कता बढ़ा दी गई है। प्रशासन को डर है कि यह विरोध प्रदर्शन देश के दूसरे हिस्सों में भी फैल सकता है, इसलिए सभी राजनयिक मिशनों की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।
अंतरराष्ट्रीय चिंता
कराची की यह घटना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता का कारण बनी है, क्योंकि विदेशी दूतावासों की सुरक्षा अब एक बड़ी चुनौती बन गई है। फिलहाल शहर में तनाव बना हुआ है और पुलिस लगातार गश्त कर रही है। सरकार ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है, लेकिन खामेनेई के समर्थकों में अमेरिका और इजरायल के प्रति गहरा रोष देखा जा रहा है।
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