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रायपुर: बजट सत्र से पहले कांग्रेस की रणनीति तेज, 23 फरवरी को विधायक दल की बैठक

छत्तीसगढ़ में विधानसभा के बजट सत्र से पहले कांग्रेस ने अपनी रणनीति को धार देना शुरू कर दिया है। 23 फरवरी को कांग्रेस विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है। यह बैठक नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत की अध्यक्षता में शाम 4 बजे कांग्रेस भवन, रायपुर में आयोजित होगी।

बैठक में आगामी विधानसभा सत्र के दौरान सरकार को घेरने की रणनीति, जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने और विपक्ष की भूमिका को प्रभावी बनाने पर चर्चा होने की संभावना है।

23 फरवरी से शुरू होगा बजट सत्र

छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र 23 फरवरी से प्रारंभ होगा। पहले दिन राज्यपाल का अभिभाषण होगा। 24 फरवरी को वित्त मंत्री ओपी चौधरी वर्ष 2026-27 का बजट पेश करेंगे।

यह सत्र 20 मार्च तक चलेगा और कुल 15 बैठकें प्रस्तावित हैं। सत्र के दौरान प्रश्नकाल, शून्यकाल और विभिन्न विधेयकों पर चर्चा होगी।

महिला, युवा और किसान पर फोकस

सरकार की प्राथमिकताओं में इस बार महिलाएं, युवा और किसान प्रमुख रह सकते हैं।

  • महिलाओं के लिए विशेष अनुदान और सामाजिक सुरक्षा योजनाएं
  • युवाओं के लिए रोजगार सृजन और कौशल विकास कार्यक्रम
  • किसानों के लिए कृषि प्रोत्साहन और समर्थन योजनाएं

पिछले बजट के अनुभवों के आधार पर इन वर्गों के लिए अतिरिक्त प्रावधान किए जाने की संभावना जताई जा रही है।

‘विजन 2047’ के साथ आएगा बजट

वित्त मंत्री के अनुसार, बजट 2026-27 केवल वार्षिक आय-व्यय का दस्तावेज नहीं होगा, बल्कि प्रदेश के दीर्घकालिक विकास का रोडमैप भी प्रस्तुत करेगा। वर्ष 2047 तक के विकास लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और औद्योगिक विस्तार पर विशेष फोकस रहेगा।

इंफ्रास्ट्रक्चर और खेल सुविधाओं पर जोर

बजट में नगरीय निकायों और ग्रामीण क्षेत्रों में रिंग रोड निर्माण के लिए लगभग 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किए जाने की संभावना है। इसके अलावा नए खेल परिसर, इंडोर स्टेडियम और मौजूदा खेल संरचनाओं के नवीनीकरण की योजना भी शामिल हो सकती है।

स्वास्थ्य और आयुष्मान पर विशेष प्रावधान

बजट में आयुष्मान योजना, ग्रामीण स्वास्थ्य सशक्तिकरण, इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण और कृषि क्षेत्र के लिए मजबूत वित्तीय प्रावधानों की चर्चा है। विशेषज्ञों का मानना है कि बजट 2026-27 प्रदेश की आर्थिक रफ्तार बनाए रखने और सामाजिक कल्याण योजनाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में अहम साबित हो सकता है।

अब सभी की नजर 23 फरवरी पर टिकी है, जब विधानसभा में बजट सत्र की शुरुआत के साथ प्रदेश की आर्थिक प्राथमिकताओं की तस्वीर साफ होगी।