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अजित पवार विमान हादसा: जांच निर्णायक चरण में

महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के विमान हादसे की जांच अब अहम मोड़ पर पहुंच गई है। जांच की जिम्मेदारी Aircraft Accident Investigation Bureau (एएआईबी) को सौंपी गई है।

🔍 ब्लैक बॉक्स से डेटा रिकवरी

नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अनुसार, हादसे के दौरान विमान का ब्लैक बॉक्स भीषण आग और तेज गर्मी से क्षतिग्रस्त हुआ था। हालांकि, उसके एक हिस्से से डेटा सफलतापूर्वक हासिल कर लिया गया है।

विमान में लगे दो स्वतंत्र फ्लाइट रिकॉर्डर—

  • डिजिटल फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (DFDR) – जिसे अमेरिकी कंपनी L3Harris Technologies (पूर्व L3 कम्युनिकेशंस) ने बनाया है।
  • कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) – जिसे Honeywell ने निर्मित किया है।

डीएफडीआर का डेटा एएआईबी की फ्लाइट रिकॉर्डर लैब में डाउनलोड कर लिया गया है, जबकि सीवीआर की विस्तृत तकनीकी जांच जारी है। सीवीआर का डेटा रिकवर करने के लिए संबंधित कंपनी से तकनीकी सहयोग मांगा गया है।


🗣️ ब्लैक बॉक्स पर राजनीतिक बयानबाजी

ब्लैक बॉक्स के क्षतिग्रस्त होने को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। एनसीपी (शरद गुट) के विधायक और पवार के भतीजे रोहित पवार ने कहा कि ब्लैक बॉक्स भीषण आग और धमाकों से सुरक्षित रह सकता है, लेकिन महाराष्ट्र की राजनीति से नहीं।

विशेषज्ञों के मुताबिक, ब्लैक बॉक्स सामान्यतः 1100 डिग्री सेल्सियस तापमान को लगभग एक घंटे तक और 260 डिग्री तापमान को करीब 10 घंटे तक सहन कर सकता है। ऐसे में उसके पूरी तरह नष्ट होने की संभावना कम मानी जाती है।


📍 28 जनवरी को हुआ था हादसा

28 जनवरी की सुबह पुणे जिले के बारामती में वीएसआर वेंचर्स कंपनी का लेयरजेट 45 विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था।

विमान सुबह 8:10 बजे मुंबई से रवाना हुआ और लगभग 8:45 बजे बारामती के पास क्रैश हो गया। इस हादसे में अजित पवार समेत कुल पांच लोगों की मौत हुई थी। हादसे के दूसरे दिन ब्लैक बॉक्स बरामद कर लिया गया था।


🏛️ सीबीआई जांच की मांग

अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार ने अन्य एनसीपी नेताओं के साथ मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर मामले की सीबीआई जांच की मांग की है।

प्रतिनिधिमंडल में सुनील तटकरे और प्रफुल्ल पटेल भी शामिल थे। मुख्यमंत्री ने इस संबंध में केंद्र सरकार से चर्चा का आश्वासन दिया है।

नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के अनुसार, जांच विमान दुर्घटना जांच नियम, 2017 और International Civil Aviation Organization (आईसीएओ) के एनेक्स-13 के अंतरराष्ट्रीय मानकों के तहत की जा रही है।

एएआईबी ने अपील की है कि जांच पूरी होने तक अटकलों से बचा जाए और भरोसा दिलाया है कि निष्कर्ष पूरी तरह तकनीकी साक्ष्यों पर आधारित होंगे।