जगदलपुर, 18 फरवरी 2026/ बस्तर जिले के बकावंड विकासखंड में सरकारी बजट के सदुपयोग और बेहतर प्रबंधन की एक अनुकरणीय तस्वीर सामने आई है। यहाँ ग्राम पंचायत गुमडेल के शासकीय प्राथमिक शाला परऊगुड़ा में न केवल एक आधुनिक स्कूल भवन तैयार किया गया है, बल्कि निर्माण कार्य में वित्तीय मितव्ययता की मिसाल भी पेश की गई है। इस विद्यालय के निर्माण के लिए प्रशासन द्वारा 15 लाख 30 हजार रुपए की राशि स्वीकृत की गई थी, लेकिन अधिकारियों और निर्माण एजेंसी के बेहतर तालमेल से मात्र 13 लाख 29 हजार रुपए की लागत में ही बच्चों को एक सर्वसुविधायुक्त और आकर्षक स्कूल भवन की सौगात मिल गई है।

बजट की इस बचत के बावजूद सुविधाओं की गुणवत्ता में कोई कमी नहीं आने दी गई है। स्कूल का नया भवन अब किसी निजी स्कूल की तरह सुसज्जित नजर आता है, जहाँ बिल्डिंग एज लर्निंग एड तकनीक के माध्यम से दीवारों को ही पाठ्यपुस्तक का रूप दे दिया गया है।

बरामदे से लेकर कक्षाओं के भीतर तक आकर्षक रंग-रोगन और ज्ञानवर्धक चित्रकारी की गई है, जिसमें गणितीय सूत्र, अंग्रेजी वर्णमाला, मानव शरीर की संरचना और महापुरुषों के प्रेरक चित्रों को उकेरा गया है। इसके अलावा, स्कूल परिसर में मुस्कान पुस्तकालय और जादूई पिटारा जैसे नवाचारों को भी शामिल किया गया है, जो बच्चों के मानसिक विकास में सहायक सिद्ध हो रहे हैं।

विद्यालय की दीवारों पर राष्ट्रगान के साथ-साथ राज्यगीत अरपा पैरी के धार जैसी राष्ट्रप्रेम और सांस्कृतिक मूल्यों को भी प्रमुखता दी गई है, जो बच्चों को अपनी जड़ों से जोड़ने का काम कर रहे हैं। कम खर्च में उच्च गुणवत्ता और आधुनिक सुविधाओं वाले इस भवन के निर्माण ने यह साबित कर दिया है कि यदि इच्छाशक्ति
दृढ़ हो, तो सरकारी संसाधनों का अधिकतम लाभ जनता तक पहुँचाया जा सकता है। इस नव-निर्मित परिसर को देखकर न केवल छात्र उत्साहित हैं, बल्कि ग्रामीणों में भी अपने बच्चों के भविष्य को लेकर एक नई उम्मीद जगी है।

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