कसडोल। तुरतुरिया धार्मिक एवं ऐतिहासिक आस्था के प्रमुख केंद्र तुरतुरिया माता गढ़ में दान पेटी खोलने की प्रक्रिया को लेकर माहौल तनावपूर्ण हो गया। पारदर्शिता को लेकर प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधि आमने-सामने आ गए, जिसके बाद जनपद पंचायत प्रशासन की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में आ गई है।
पारदर्शिता बनाम प्रशासनिक निर्णय जानकारी के अनुसार अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) राम रतन दुबे ने पूर्व में निर्देश दिए थे कि दान पेटी को मंदिर परिसर में ही, सभी संबंधित पक्षों और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में खोला जाएगा, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रहे और श्रद्धालुओं का विश्वास बना रहे।
लेकिन आरोप है कि जनपद पंचायत सीईओ कमलेश कुमार साहू तथा की मौजूदगी में निर्धारित प्रक्रिया के विपरीत दान पेटी को मंदिर परिसर से उठाकर जनपद कार्यालय ले जाया गया। इस निर्णय से ग्रामीणों और मंदिर समिति में नाराजगी फैल गई।
मौके पर बढ़ा विवाद
जब ग्राम पंचायत सरपंच ने नियमों का हवाला देते हुए दान पेटी को स्थल पर ही खोलने की बात कही, तो मौके पर तीखी बहस शुरू हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के बीच कहासुनी तक की नौबत आ गई और “तुम कौन हो बोलने वाले” जैसे तीखे शब्द भी बोले गए, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई।
इस मामले से जनपद सदस्य व्यास नारायण श्रीवास काफी नाराज है और मेले में खर्च की गई राशि का आहरण नही किये जाने पर अड़े हुए है एवं सीईओ की इस कार्यप्रणाली से बेहद नाराज है। सभी सदस्यों का कहना है कि वर्तमान सीईओ को कसडोल से स्थानांतरित किया जाना अति आवश्यक है अन्यथा उग्र आंदोलन करने पर सभी विवश होंगे।
जब इस पूरे मामले की जानकारी लेने के लिए जनपद पंचायत सीईओ कमलेश साहू को फोन किया तो उन्होंने फोन तक नहीं उठाया।
Related Articles

पतंजलि द्वारा विश्व योग दिवस पर होंगे विविध आयोजन
Jun 18, 2026
बढ़ती महंगाई पर पत्रकारों के सवालों पर महापौर की चुप्पी भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों का पुख्ता प्रमाण- राजेश …
Jun 18, 2026
