जगदलपुर, बस्तर । मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत 280 जोड़ों का सामूहिक विवाह कार्यक्रम सीटी ग्राउंड में आयोजित किया गया, लेकिन आयोजन के दौरान सरकारी लापरवाही और अव्यवस्था के संकेत सामने आए।
मुख्य घटनाक्रम
वर-वधु और उनके परिजन पिकअप और मालवाहक वाहन में भरकर कार्यक्रम स्थल लाए गए।
प्रत्येक पिकअप वाहन में 30 से 40 लोग सवार थे।
इस वजह से वर-वधु और उनके परिजनों में नाराजगी देखी गई।
विभाग की प्रतिक्रिया
महिला बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी मनोज कुमार ने बताया:
280 जोड़ों का विवाह बस्तर जिले के 7 विकासखंडों की 9 परियोजनाओं से आए वर-वधुओं के साथ संपन्न हुआ।
प्रत्येक जोड़े को 35,000 रुपये सहायता राशि प्रदान की जाती है, जिसमें विवाह समारोह, भोजन, कपड़े और 2,000 रुपये आवागमन खर्च शामिल हैं।
राशि सीधे वर-वधु के बैंक अकाउंट में चेक के माध्यम से ट्रांसफर की जाती है।
पिकअप में लाने की व्यवस्था विभाग की दिशा-निर्देशों के तहत होती है, लेकिन कभी-कभी उनका पालन नहीं होता।
वर-वधुओं और परिजनों की शिकायत
कामानार और बोदल से आए दूल्हों ने कहा कि उन्हें विवाह के बाद मिलने वाले उपहार और राशि के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई।
बैंक खाते में अब तक कोई राशि नहीं आई।
दूर-दराज से आए परिवारों और मेहमानों के लिए भोजन की व्यवस्था भी अव्यवस्थित थी; अधिकांश लोग भूखे ही लौट गए।
बाइट्स
मनोज कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी: “पिकअप में लाने के संबंध में विभाग के दिशा-निर्देश हैं, लेकिन कभी-कभी उनका पालन नहीं होता। दुर्घटना की आशंका लापरवाही के कारण हो सकती है।”
वर-वधु और परिजन: “हमें सहायता राशि और उपहार के बारे में कोई सूचना नहीं मिली। भोजन की व्यवस्था भी खराब थी।”
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता: “विभाग की तरफ से कहा गया था कि लोगों को पिकअप में लाया जाए।”
पिकअप चालक: “हमसे कहा गया कि वर-वधु और उनके परिजन वाहन में लाएं।”
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