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छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राज्य मानसिक चिकित्सालय में मनोचिकित्सक भर्ती पर कड़ी टिप्पणी की, 24 मार्च तक ताजा हलफनामा दाखिल करने का आदेश


जनहित याचिका की सुनवाई में हलफनामे को अपर्याप्त बताया

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राज्य मानसिक चिकित्सालय, सेंदरी (बिलासपुर) में मनोचिकित्सकों की भर्ती को लेकर दायर जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार के हलफनामे को अपर्याप्त मानते हुए कड़ी टिप्पणी की है। खंडपीठ ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव को निर्देश दिया है कि वे 24 मार्च 2026 तक ताजा और विस्तृत हलफनामा दाखिल करें।

पुराने हलफनामे में भर्ती प्रक्रिया का स्पष्ट विवरण नहीं

सुनवाई में याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ने अदालत का ध्यान इस ओर आकृष्ट किया कि 12 जनवरी 2026 के आदेश के अनुपालन में दायर व्यक्तिगत हलफनामे में नई भर्ती प्रक्रिया, समय-सीमा, आवेदन आमंत्रण, साक्षात्कार तिथि और व्यावहारिक चुनौतियों के समाधान का स्पष्ट विवरण नहीं दिया गया।

स्वास्थ्य विभाग ने बताया: साक्षात्कार के लिए कोई योग्य अभ्यर्थी नहीं

स्वास्थ्य विभाग के सचिव द्वारा दायर हलफनामे में कहा गया कि मनोचिकित्सक पदों के लिए 22 अप्रैल 2025 को छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के माध्यम से विज्ञापन जारी किया गया था, लेकिन दस्तावेज सत्यापन के दौरान सभी अभ्यर्थी या तो अनुपस्थित पाए गए या अयोग्य निकले। इस कारण किसी भी अभ्यर्थी को साक्षात्कार के लिए शॉर्टलिस्ट नहीं किया जा सका और भर्ती प्रक्रिया स्थगित करनी पड़ी।

हाईकोर्ट ने कहा: केवल अंतरिम व्यवस्था पर्याप्त नहीं

अदालत ने स्पष्ट किया कि केवल अंतरिम व्यवस्था पर्याप्त नहीं है और स्थायी समाधान आवश्यक है। कोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया कि वे मनोचिकित्सक पदों पर नई भर्ती प्रक्रिया की पूरी रूपरेखा सहित ताजा हलफनामा 24 मार्च 2026 तक दाखिल करें।

अगली सुनवाई की तारीख तय

मामले की अगली सुनवाई 24 मार्च 2026 को निर्धारित की गई है।