सुशील मौर्य ने कहा: बजट किसानों और आम जनता की अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतरा
जगदलपुर। बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी के शहर अध्यक्ष सुशील मौर्य ने वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी द्वारा प्रस्तुत छत्तीसगढ़ बजट 2026-27 पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि बजट में रोजगार, शिक्षा, किसान हित, महिला सुरक्षा सहित कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में कोई ठोस प्रावधान नहीं है।
मौर्य ने कहा कि यह बजट छत्तीसगढ़ को विकसित करने का नहीं बल्कि भाजपा के मुनाफाखोरी का दस्तावेज़ है। उन्होंने इसे तर्कहीन और छत्तीसगढ़ की “दुर्गति” करने वाला बताया।
किसानों के लिए ठोस प्रावधान का अभाव
सुशील मौर्य ने कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार किसान हैं, लेकिन प्रस्तुत बजट में धान खरीद, सिंचाई परियोजनाओं और आधुनिक कृषि उपकरणों के लिए कोई भरोसेमंद प्रावधान नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सपोर्ट प्राइस पर धान खरीद में पीछे-पीछे रही है, नए नियम और शर्तें लागू कर किसानों को अपनी उपज बेचने से वंचित करती रही। इस बजट में कृषि आधारित इकाइयों और आयरन-स्टील सेक्टर के संरक्षण की कोई ठोस योजना नहीं है।
शिक्षा, बेरोजगारी और युवाओं के लिए कोई स्पष्ट योजना नहीं
मौर्य ने कहा कि बीते बजट में घोषित 20 हजार शिक्षकों की भर्ती का विवरण स्पष्ट नहीं किया गया। बजट में नए स्कूल, महाविद्यालय, कौशल उन्नयन, बेरोजगारी भत्ता, छात्राओं के मुफ्त यातायात, और 56 हजार खाली शिक्षकों के पदों को भरने के लिए कोई प्रावधान नहीं है।
उन्होंने कहा कि यह बजट युवाओं को रोजगार देने और शिक्षा क्षेत्र में सुधार लाने में विफल रहा है।
महिला सुरक्षा और सामाजिक कल्याण योजनाओं पर कोई विशेष ध्यान नहीं
सुशील मौर्य ने बजट में महिला सुरक्षा, स्वरोजगार योजनाओं और रसोइया संघ के लिए कोई ठोस पैकेज न होने की आलोचना की। उन्होंने कहा कि रानी दुर्गावती योजना अस्पष्ट है, और घरेलू गैस सिलिंडर पर वादों के लिए कोई प्रावधान नहीं किया गया।
बजट महिलाओं और कमजोर वर्ग के लिए निराशाजनक साबित हुआ है।
स्वास्थ्य और अधोसंरचना में भी निराशा
मौर्य ने बताया कि बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र में भी गुणवत्तापूर्ण सेवाओं और सुपर-स्पेशलिटी अस्पताल योजना को लेकर कोई ठोस प्रावधान नहीं है। उन्होंने कहा कि जगदलपुर में सुपर स्पेशलिस्ट अस्पताल में भ्रष्टाचार की चर्चाएँ पहले से हैं, जबकि बजट में स्वास्थ्य सेवाओं का केवल वादा किया गया है।
सड़कों, पुलों, बिजली और पेयजल सुविधाओं में सुधार के लिए भी बजट में पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया।
बस्तर के विकास में केवल दिखावटी प्रावधान
सुशील मौर्य ने कहा कि बस्तर और जगदलपुर के विकास के लिए बजट में केवल सब्जबाग जैसे दिखावटी प्रावधान हैं। यह बजट जनता को भ्रमित करने और औपचारिक दिखावे का प्रयास प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि यह तीसरा बजट भी जनता की अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतरा।
निष्कर्ष: तर्कहीन बजट और जनता की निराशा
बस्तर जिला कांग्रेस के नेता सुशील मौर्य ने निष्कर्ष निकाला कि वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी का बजट तर्कहीन, दिशाहीन और छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा के लिए खतरा साबित होगा।
उन्होंने कहा कि बजट में रोजगार, शिक्षा, महिला सुरक्षा, किसान हित और स्वास्थ्य पर कोई ठोस प्रावधान न होना जनता के लिए गंभीर चिंता का विषय है।



