रायगढ़ जिले की खरसिया तहसील अंतर्गत ग्राम बानीपाथर स्थित धान खरीदी केंद्र में तौल प्रक्रिया को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। किसानों का कहना है कि केंद्र में सरकारी मानक के अनुसार प्रति बोरी 40 किलो 600 ग्राम के बजाय जानबूझकर 42 से 43 किलो तक तौल कराया जा रहा है, जिससे उन्हें सीधा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
किसानों के अनुसार, जब वे अतिरिक्त तौल का विरोध करते हैं तो प्रबंधन की ओर से तौल सुधारने से इनकार कर दिया जाता है और दबाव बनाया जाता है कि “या तो यही तौल मानो, नहीं तो धान वापस ले जाओ।” इस कथित दबाव और मनमानी से किसान असहज और मजबूर महसूस कर रहे हैं।
मामला उस समय उजागर हुआ जब किसानों की शिकायत पर मीडिया के सामने कांटे की जांच कराई गई। जांच में प्रति बोरी 2 से 3 किलो तक अतिरिक्त वजन पाया गया। किसानों का आरोप है कि इस हेराफेरी से प्रति क्विंटल सैकड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है, जबकि केंद्र प्रबंधन और कुछ कर्मचारी मिलकर अवैध लाभ कमा रहे हैं।
एक प्रभावित किसान ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि सरकार पारदर्शिता और सीसीटीवी निगरानी की बात करती है, लेकिन जमीनी हकीकत अलग है। “हम समर्थन मूल्य पर धान बेचने आते हैं, पर यहां हमारे हक पर ही डाका डाला जा रहा है,” किसान ने कहा।
यह मामला धान खरीदी सीजन 2025–26 के दौरान सामने आई अनियमितताओं की कड़ी में जुड़ता है। राज्य सरकार ने हाल ही में 12 जिलों में कार्रवाई करते हुए 38 कर्मचारियों पर कदम उठाए हैं, जिनमें निलंबन, एफआईआर और सेवा समाप्ति तक शामिल है। रायगढ़ जिला भी उन जिलों में है, जहां स्कंध कमी और अमानक धान खरीदी जैसे मामलों की पुष्टि हो चुकी है।
अब सवाल यह उठ रहा है कि बानीपाथर धान खरीदी केंद्र में सामने आए आरोपों पर संबंधित विभाग और स्थानीय प्रशासन कब कार्रवाई करेगा। किसान संगठनों ने मांग की है कि कांटों की तकनीकी जांच, सीसीटीवी फुटेज की समीक्षा और किसानों के बयान दर्ज कर दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं।
किसानों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो सरकार की किसान हितैषी नीतियों पर भरोसा और कमजोर होगा। प्रशासन से अपेक्षा की जा रही है कि वह तत्काल संज्ञान लेकर धान खरीदी केंद्रों में पारदर्शी और निष्पक्ष तौल व्यवस्था सुनिश्चित करे, ताकि किसान के पसीने की कमाई सुरक्षित रह सके।
Related Articles

शासकीय भूमि पर अवैध निर्माण जारी, सक्षम व्यवहार न्यायालय के आदेश की अवहेलना पर भी प्रशासन मौन
Feb 4, 2026
कैबिनेट के बड़े फैसले: 10 जिलों में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स, SOG को 44 नए पद, पायलट ट्रेनिंग संस्थान और क्लाउड फर्स्ट नीति को मंजूरी
Feb 4, 2026
