“8 जिलहिज्जा को आज़मीन-ए-हज मीना की तरफ रवाना होंगे, यह दिन ईमान,
सब्र, कुर्बानी और अल्लाह की रजा में खुद को समर्पित करने का पैग़ाम देता है”
बस्तर संभाग मुस्लिम समाज के अध्यक्ष एवं ऑल मुस्लिम वेलफेयर फाउंडेशन के प्रदेश उपाध्यक्ष हाजी
वसीम अहमद ने कहा कि कल 8 जिलहिज्जा के मुकद्दस दिन से हज का सबसे अहम और रूहानी सफर शुरू हो जाएगा,
जब दुनिया भर से आए लाखों हाजी “लब्बैक अल्लाहुम्मा लब्बैक” की सदाओं के साथ मीना की तरफ रवाना होंगे।
उन्होंने कहा कि हज इस्लाम का एक अहम रुकन है, जो इंसान को सब्र, कुर्बानी, बराबरी, भाईचारे और अल्लाह की बंदगी का असली पैग़ाम देता है।
मीना का यह मुकद्दस सफर हमें हजरत इब्राहीम अलैहिस्सलाम की कुर्बानी, हजरत हाजरा अलैहिस्सलाम के सब्र और हजरत इस्माईल अलैहिस्सलाम
की फरमाबरदारी की याद दिलाता है।
हाजी वसीम अहमद ने कहा कि आज पूरी दुनिया के मुसलमान एक ही मकसद के साथ अल्लाह के दरबार में हाजिर हो रहे हैं।
न कोई बड़ा है, न छोटा… न अमीर, न गरीब… सब एक ही लिबास में अल्लाह के सामने खड़े होकर इंसानियत, बराबरी और उम्मत की एकता का शानदार मंजर पेश कर रहे हैं।
उन्होंने तमाम आज़मीन-ए-हज से दरख्वास्त की कि वे अपने मुल्क, प्रदेश, बस्तर संभाग और पूरी इंसानियत के लिए अमन, खुशहाली, भाईचारे और इंसाफ की खास दुआ करें।
साथ ही मुस्लिम समाज से अपील की कि वे हज के इस मुकद्दस मौके पर अपने अंदर मोहब्बत, रहमदिली और इंसानियत का जज्बा पैदा करें और समाज में एकता को मजबूत बनाएं।
अंत में उन्होंने दुआ की कि अल्लाह तआला तमाम हाजियों का सफर आसान फरमाए, उनकी हर इबादत और दुआ को कबूल फरमाए,
उन्हें हज-ए-मबरूर अता करे और सलामती के साथ अपने वतन वापस लौटाए।
— हाजी वसीम अहमद
अध्यक्ष, बस्तर संभाग मुस्लिम समाज
प्रदेश उपाध्यक्ष, ऑल मुस्लिम वेलफेयर फाउंडेशन


