
रायगढ़ 23 मई 2026। जिले के धरमजयगढ़ क्षेत्र में जनगणना कार्य से जुड़े कर्मचारियों और एक तहसीलदार के बीच विवाद का मामला सामने आया है। जनगणना कर्मचारियों ने तहसीलदार पर गाली-गलौज, धमकी और अभद्र व्यवहार करने का गंभीर आरोप लगाते हुए छाल थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। मामले को लेकर कर्मचारी संगठनों में भी नाराजगी देखने को मिल रही है।जानकारी के अनुसार जनगणना कार्य में लगे कर्मचारियों ने अपनी शिकायत में बताया है कि 21 मई 2026 को जनगणना कर्मचारियों के लिए बनाए गए एक व्हाट्सएप ग्रुप में सामान्य सूचना से जुड़ा एक मैसेज किया गया था। आरोप है कि इसी बात से नाराज होकर संबंधित तहसीलदार ने व्हाट्सएप कॉल के जरिए कर्मचारियों से अभद्र भाषा में बातचीत की और गंदी-गंदी गालियां दीं।

“गिरफ्तार कराने और जान से मरवाने तक की धमकी”
शिकायत में कर्मचारियों ने कहा है कि तहसीलदार ने बातचीत के दौरान उन्हें गिरफ्तार करवाने और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी। कर्मचारियों का कहना है कि एक प्रशासनिक पद पर बैठे अधिकारी द्वारा इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करना बेहद आपत्तिजनक और डराने वाला है। घटना के बाद कर्मचारी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।इस संबंध में प्रदीप कुमार नायक, दिनेश कुमार सितार और वीर सिंह राठिया की ओर से थाना प्रभारी छाल को लिखित आवेदन सौंपा गया है। शिकायतकर्ताओं ने तहसीलदार के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
कर्मचारी संगठनों ने जताई नाराजगी
मामले को लेकर कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन और शिक्षक संगठनों ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के जिला संयोजक आशीष रंगारी, विकासखंड धरमजयगढ़ संयोजक आशीष विश्वास, छत्तीसगढ़ प्रदेश संयुक्त शिक्षक संघ रायगढ़ के जिलाध्यक्ष राजकमल पटेल और विकासखंड अध्यक्ष रामचरण साहू ने इस घटना की निंदा की है।संगठनों का कहना है कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य में लगे कर्मचारियों के साथ इस तरह का व्यवहार स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने संबंधित तहसीलदार को जनगणना अधिकारी के पद से तत्काल हटाने की मांग की है।

कलेक्टर से करेंगे शिकायत
कर्मचारी संगठनों ने कहा है कि मामले में एफआईआर दर्ज कराने के लिए थाना में आवेदन दिया गया है। जल्द ही जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले से अवगत कराया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर राज्य जनगणना अधिकारी से भी शिकायत की जाएगी।संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया तो आगे उग्र आंदोलन और अन्य कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल पुलिस शिकायत की जांच में जुटी हुई है।

