
बिलासपुर जिले के बिल्हा में अवैध बोरवेल उत्खनन को लेकर बड़ा खुलासा सामने आया है आरोप है कि बिना अनुमति, बिना पटवारी रिपोर्ट और बिना वैधानिक प्रक्रिया पूरी किए रात के अंधेरे में खुलेआम बोर खनन किया जा रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर प्रशासनिक जानकारी के बिना यह पूरा खेल कैसे चल रहा है?सूचना देने के बाद भी कार्रवाई नहीं होने से स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। पत्रकारों का दावा है कि उनके पास वीडियो फुटेज, फोटो और संबंधित गाड़ियों के नंबर तक मौजूद हैं, लेकिन हर बार “मौके पर कुछ नहीं मिला” कहकर मामला टाल दिया जाता है मामला तब और गंभीर हो गया जब बोरवेल माफिया द्वारा पत्रकारों को जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगे।वहीं 21 मई को महामाया बोरवेल्स की गाड़ी जब्त होने और 22 मई की रात बिल्हा अस्पताल के सामने कथित अवैध खुदाई की सूचना ने पूरे घटनाक्रम को चर्चा में ला दिया है अब सवाल सिर्फ एक अवैध बोर का नहीं, बल्कि सिस्टम की साख और कानून व्यवस्था का है जनता देख रही है कि प्रशासन निष्पक्ष कार्रवाई करता है या फिर आरोपों के बीच मामला दबा दिया जाता है।

