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295 नशीले कैप्सूल केस में फरार आरोपी का सरेंडर! पुलिस को चकमा देने वाला भोले घसिया आखिरकार कोर्ट में पेश, फिर हुआ गिरफ्तार

NDPS कार्रवाई में पकड़ा गया आरोपी पहले हुआ फरार, अब कोर्ट में किया आत्मसमर्पण

सूरजपुर जिले में नशीले कैप्सूल के बड़े मामले में फरार चल रहे आरोपी भोले घसिया ने आखिरकार विशेष न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। 295 नग नशीले कैप्सूल बरामदगी के इस मामले में आरोपी पहले आबकारी टीम को चकमा देकर फरार हो गया था, जिसके बाद उसकी तलाश तेज कर दी गई थी।


आबकारी उड़नदस्ता की दबिश में घर से भारी मात्रा में नशीली दवाएं जब्त

सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता के अनुसार, 11 अप्रैल 2026 को आबकारी उड़नदस्ता टीम ने मुखबिर की सूचना पर विश्रामपुर स्थित आईटीआई कॉलोनी के मकान नंबर 1030 में दबिश दी। यहां आरोपी भोले घसिया के शयन कक्ष से 132 नग SPASMO PROXYVON PLUS कैप्सूल, 73 नग ALPRASCEN टैबलेट और 90 नग ALPRAX (Alprazolam) टैबलेट जब्त किए गए। मामले में एनडीपीएस एक्ट की धारा 22 (C) के तहत कार्रवाई की गई।


कस्टडी के दौरान पानी पीने का बहाना बनाकर पुलिस को दिया चकमा

कार्रवाई के बाद आरोपी को रिमांड के लिए सूरजपुर आबकारी नियंत्रण कक्ष लाया गया था। यहां उसे प्रधान आरक्षक मेवालाल सोनवानी और एक महिला आरक्षक की निगरानी में रखा गया था। इसी दौरान आरोपी ने पानी पीने का बहाना बनाया और मौके का फायदा उठाकर फरार हो गया, जिससे विभाग में हड़कंप मच गया था।


चार दिन बाद कोर्ट में सरेंडर, दोबारा गिरफ्तारी के बाद भेजा गया जेल

लगातार तलाश के बीच आरोपी भोले घसिया ने 15 अप्रैल 2026 को सूरजपुर के विशेष न्यायाधीश (नारकोटिक्स) के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। इसके बाद आबकारी टीम ने उसे पुनः गिरफ्तार किया और न्यायालय से रिमांड लेकर जेल दाखिल कर दिया गया है।


सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल, फरारी के बाद विभाग की सतर्कता बढ़ी

इस पूरे घटनाक्रम के बाद आबकारी विभाग की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, आरोपी के दोबारा गिरफ्त में आने के बाद विभाग ने सतर्कता बढ़ाने और भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए सख्त कदम उठाने की बात कही है।