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पतंजलि द्वारा योग के साथ साथ लोक परंपराओं को सहेजना प्रसंशनीय- सांसद महेश कश्यप

जस गीत प्रतियोगिता जगदलपुर में आयोजित की गई दंतेश्वरी मंदिर के सामने  छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति जस गीत प्रतियोगिता का आयोजन पतंजलि योग समिति और सूर रत्न म्यूजिकल  ग्रुप के संयुक्त तत्वाधान में11-12 दो दिवसीय आयोजन किया गया।जिसमे जगदलपुर शहर सहित फरसगुडा भानपुरी बकवांड,पंडरिपानी दंतेवाड़ा आदि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों ने इसमें भाग लिया।

जसगीत प्रतियोगिता में ज़बरदस्त उत्साह के साथ 18 टीमों ने भाग लिया इसमें प्रथम पुरस्कार पाने वाली टीम का नाम है नवदुर्गा जस एवं भजन मंडली पांचवी बटालियन कंगोली व  द्वितीय पुरस्कार गायत्री मानस महिला मंडली  हल्बा कचौरा और तृतीय पुरस्कार सीताराम मानस मंडली धरमपुरा रही।

11 अप्रैल को हनुमान चालीसा के साथ दंतेश्वरी माई व गणेश वंदना के साथ प्रतियोगिता प्रारंभ हुई,देर रात तक आयोजन संचालित हुआ तथा 12 अप्रैल को मुख्यअतिथि बस्तर सांसद महेश कश्यप ने विजयी प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया और पतंजलि योग समिति तथा सुररत्न म्यूजिकल समूह के सयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस आयोजन की भूरी भूरी प्रशंसा की और ऐसे आयोजन में सभी सनातनियों को हिस्सा बनने का आवाहन किया।

इस भक्तिमय आयोजन का संचालन व संयोजन पतंजलि योग समिति के प्रदेश अध्यक्ष डॉ मनोज पानीग्राही व सुररत्न म्यूजिकल ग्रुप के रामकृष्ण नायडू ने किया उपस्थित जनों ने इस सुंदर आयोजन का सपरिवार लाभ उटाया।वहीं पांच प्रतिभागी टीमो को सांत्वना पुरस्कार भी दिए गए जिसमे श्री शंकर सेवा संघ कन्या कुंज ब्राह्मण समाज जगदलपुर 2 राम परिवार महिला मंडली पुलिस लाइन जगदलपुर 3 जय मां दंतेश्वरी मानस मंडली हाटगुडा  4  बस्तर जिला देवांगन समाज 5 बजरंग युवा मंडली हलबा कचौरा  6  माहेश्वरी महिला मंडल जगदलपुर  निर्णायक की भूमिका में थे श्री विपिन बिहारी दास जी श्री सूरज साहू जी श्री रतन व्यास जी श्रीमती आभा सामदेकर रही।

आयोजन समिति में पतंजलि के डॉ मनोज पानीग्राही  सूर रत्न म्यूजिकल ग्रुप से अध्यक्ष  आरके नायडू,पतंजलि योग समिति बस्तर ज़िला प्रभारी मनोज चंद्रा,भारत स्वाभिमान के ज़िला प्रभारी जितेंद्र मिश्रा, श्रीमती मंजु लुकंड,डॉ सुषमा झा ,गायत्री बड़कस, हेमा शर्मा रही साथ मंच संचालन श्रीमती नीलू मलिक श्रीमति कविता बिजोलिया और ग्रुप के महिला संरक्षक श्रीमती दीप्ति पांडे जी की बहुत बड़ी भूमिका रही प्रथम विजेता को इनाम के रूप में 11000 नगद शील्ड  प्रशस्ति पत्र दिया गया अदिति इनाम की राशि के रूप में 5100 शील्ड प्रशस्ति पत्र दिया गया तिथि पुरस्कार की राशि में 3100 रुपया शील्ड प्रशस्ति पत्र दिया गया आयोजन समिति का उद्देश्य है कि पारंपरिक धार्मिक आस्थाओं को पूर्णजीवित करना और जसगीतों को जो विलुप्त हो रही है उसे बाहर लाना और आने वाली पीढ़ी के लिए एक मजबूत स्तंभ रखना।