व्यस्त बाजार से दिन में चोरी हुई एक्टिवा, पीड़ित की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने दर्ज किया मामला
रायगढ़, 9 मार्च 2026। शहर के भीड़भाड़ वाले संजय मार्केट क्षेत्र में हुई एक्टिवा चोरी की घटना का पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए खुलासा कर दिया है। कोतवाली और चक्रधरनगर थाना पुलिस की सतर्कता से चोरी की स्कूटी बरामद कर दो आरोपियों को पकड़ लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों में एक 19 वर्षीय युवक और एक विधि से संघर्षरत नाबालिग शामिल है।
दोपहर में मंदिर के पीछे पार्क की स्कूटी रात तक हो गई गायब, व्यापारी ने दर्ज कराई रिपोर्ट
मामले की जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि बैकुण्ठपुर निवासी मुकेश अग्रवाल (47 वर्ष) ने 6 मार्च को कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनके भाई मनोज कुमार अग्रवाल के नाम से पंजीकृत होंडा एक्टिवा क्रमांक CG 13 Y 8208 को 5 मार्च की दोपहर पुराना शनिदेव मंदिर के पीछे स्थित सुलभ शौचालय के पास लॉक कर खड़ा किया गया था।
इसके बाद वे संजय कॉम्प्लेक्स स्थित अपनी कपड़ों की दुकान अंजली गारमेंट में चले गए। रात करीब 9:15 बजे जब वे वापस लौटे तो स्कूटी वहां से गायब थी।
चक्रधरनगर पुलिस की पेट्रोलिंग में मिले संदिग्ध, “सशक्त ऐप” ने खोला चोरी का राज
घटना की जांच के दौरान 7 मार्च को चक्रधरनगर थाना पुलिस की पेट्रोलिंग टीम को दो युवक एक सफेद रंग की स्कूटी के साथ संदिग्ध स्थिति में दिखाई दिए। पुलिस ने जब उनसे पूछताछ की तो वे वाहन बेचने के लिए ग्राहक तलाशने की बात करने लगे।
संदेह होने पर पुलिस ने वाहन की जानकारी “सशक्त ऐप” में जांची, जहां पता चला कि यह वही स्कूटी है जिसकी चोरी की रिपोर्ट कोतवाली थाने में दर्ज है।
पूछताछ में सामने आया सच, पुलिस ने जब्त की चोरी की एक्टिवा
कोतवाली पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों संदिग्धों से पूछताछ की। पूछताछ में आरोपी मनोज भारती और उसके साथ मौजूद नाबालिग ने मिलकर स्कूटी चोरी करना स्वीकार किया।
नाबालिग के मेमोरेंडम के आधार पर पुलिस ने चोरी की एक्टिवा स्कूटी CG 13 Y 8208 को बरामद कर लिया, जिसकी कीमत करीब 15 हजार रुपये बताई जा रही है।
आरोपी युवक भेजा गया जेल, नाबालिग को किशोर न्याय बोर्ड में किया गया प्रस्तुत
पुलिस ने आरोपी मनोज भारती (19 वर्ष) पिता रामलाल भारती निवासी प्रेमनगर थाना चक्रधरनगर जिला रायगढ़ को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। वहीं विधि से संघर्षरत नाबालिग को कानूनी प्रक्रिया के तहत किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया गया।


