कोरबा, छत्तीसगढ़। छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम ने कोरबा जिले के कुसमुंडा परिक्षेत्र के ग्राम गनगेई में वृक्षारोपण का सफल अभियान संपन्न किया। वर्ष 2024 में लगभग 10 हेक्टेयर राजस्व भूमि पर 20,000 पौधे रोपित किए गए। यह कार्य वन विकास निगम और औद्योगिक वृक्षारोपण मंडल, कोरबा के सहयोग से किया गया।
वृक्षारोपण में लगाई गई किस्में
खदान क्षेत्र में भूमि उपलब्ध नहीं होने के कारण गांव की खाली राजस्व भूमि पर वृक्षारोपण किया गया। पौधों में शामिल हैं:
- फलदार और उपयोगी पेड़: शीशम, सिसौ, जामुन, आंवला, अमरूद, गंगा इमली, बादाम, बांस, अर्जुन, करंज, पीपल, बरगद, कटहल, आम, हर्रा, बहेरा, कचनार, चिरौंजी, सहजन
ग्रामीणों की भागीदारी
शुरुआत में ग्रामीणों को आशंका थी कि वृक्षारोपण के बाद उनकी भूमि का अधिकार समाप्त हो जाएगा या पशुओं के लिए चारा नहीं मिलेगा। वन विभाग ने ग्राम पंचायत की बैठक में ग्रामीणों को समझाया कि:
- पांच वर्ष बाद भूमि पुनः पंचायत को सौंप दी जाएगी।
- बड़े होने पर पेड़ों से छाया, फल, चारा और लकड़ी उपलब्ध होंगे।
- गांव में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
ग्रामीणों की सहमति और सहयोग से रोपण का कार्य चरणबद्ध तरीके से पूरा किया गया। पौधों की सुरक्षा, सिंचाई और देखभाल पर विशेष ध्यान दिया गया, जिससे उनकी वृद्धि अच्छी रही।
पर्यावरणीय और सामाजिक लाभ
आज यह क्षेत्र हरे-भरे पेड़ों से आच्छादित हो गया है। परिणामस्वरूप:
- मिट्टी संरक्षण में सुधार हुआ
- वर्षा का पानी भूमि में अधिक मात्रा में समा रहा है
- गांव में गर्मी के मौसम में राहत महसूस हो रही है
- पक्षियों की चहचहाहट सुनाई देने लगी
सफलता वन विकास निगम और ग्रामीणों के संयुक्त प्रयास का परिणाम है। यह पहल पर्यावरण संरक्षण, ग्रामीण विकास और रोजगार सृजन की दिशा में एक प्रेरणादायक उदाहरण साबित हो रही है।
Related Articles

रायपुर के VIP रोड फार्महाउस में हुक्का पार्टी का वीडियो वायरल, पुलिस जांच में जुटी
Apr 14, 2026
सरकार ने लॉन्च किया ₹10,000 करोड़ का स्टार्टअप इंडिया FOF 2.0: नवाचार और स्टार्टअप्स को मिलेगा बड़ा फंड सपोर्ट
Apr 14, 2026
