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‘वायु शक्ति-2026’ अभ्यास से पहले तेजस जेट की भागीदारी पर संशय

पोखरण में 27 फरवरी को होगी फुल ड्रेस रिहर्सल, पाकिस्तान सीमा के पास 120+ विमान करेंगे शक्ति प्रदर्शन

पोखरण। भारतीय वायुसेना के ‘वायु शक्ति-2026’ युद्धाभ्यास के दौरान तेजस फाइटर जेट की शामिल होने को लेकर संशय पैदा हो गया है। तकनीकी खराबी के कारण सभी तेजस विमानों की जांच चल रही है।

मुख्य कार्यक्रम 27 फरवरी को आयोजित होगा, जबकि फुल ड्रेस रिहर्सल 24 फरवरी को होगी। इस अभ्यास में राफेल, सुखोई-30, मिराज 2000, मिग-29, जगुआर समेत कुल 120 से अधिक एयरक्राफ्ट हिस्सा लेंगे।

तेजस जेट की तकनीकी स्थिति

रविवार को मीडिया में तेजस विमान क्रैश की खबर आई थी, लेकिन Hindustan Aeronautics Limited (HAL) ने स्पष्ट किया कि यह केवल जमीन पर हुई तकनीकी गड़बड़ी थी और कोई क्रैश नहीं हुआ। पायलट का इजेक्शन भी नहीं हुआ। HAL और वायुसेना मिलकर जांच कर रहे हैं।

तेजस जेट ने वर्ष 2001 से अब तक बिना किसी हादसे के उड़ान भरी थी। हालांकि मार्च 2024 में ‘भारत शक्ति’ अभ्यास और पिछले वर्ष दुबई एयरशो में इसके दो दुर्घटनाक्रम हुए थे।

युद्धाभ्यास में शामिल होंगे ये विमान

  • फाइटर जेट: राफेल, सुखोई-30, मिराज 2000, मिग-29, जगुआर
  • हेलिकॉप्टर: चेतक, एएलएच एमके, एमआई-17, एलसीएच ‘प्रचंड’, अपाचे, चिनूक
  • ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट: सी-130जे सुपर हरक्यूलिस, सी-295, सी-17
  • सिस्टम और म्यूनिशंस: शॉर्ट रेंज लोइटरिंग म्यूनिशंस, आकाश, स्पाइडर, काउंटर अनमैन्ड एरियल सिस्टम्स
  • पहली बार सी-295 द्वारा नाइट असॉल्ट लैंडिंग और सी-130जे द्वारा वॉर जोन में कम समय में टेकऑफ का प्रदर्शन

सुरक्षा और नियंत्रण

अभ्यास को वास्तविक युद्ध क्षेत्र के रूप में अंजाम दिया जाएगा। वायुसेना के इंटीग्रेटेड एयर कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम के माध्यम से पूरे अभ्यास की मॉनिटरिंग और कंट्रोल किया जाएगा। पाकिस्तान की किसी नापाक हरकत का तुरंत जवाब देने के लिए एयर डिफेंस की कई परतें सक्रिय रहेंगी, जिनमें एंटी-एयरक्राफ्ट और एंटी-ड्रोन सिस्टम शामिल हैं।