भेलवाडीह की तीन सगी बहनों ने सेना में चयन कर जिले का नाम रोशन किया
खरसिया। रायगढ़ जिले के खरसिया ब्लॉक का छोटा सा गांव भेलवाडीह आज पूरे अंचल में चर्चा का केंद्र बन गया है। गांव की तीन सगी बहनों—कविता, उर्वशी और ऋतु चंद्रा—का एक साथ सेना में चयन हुआ है। SSC GD कांस्टेबल भर्ती 2025 में यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि मेहनत, अनुशासन और जज़्बा किसी भी चुनौती को पार कर सकता है।
तीन बेटियां, एक परिवार और देशभक्ति की मिसाल
भेलवाडीह निवासी सुकलाल चंद्रा की दो पुत्रियां, उर्वशी चंद्रा (25 वर्ष) और ऋतु चंद्रा (22 वर्ष), सुरक्षा बलों में चयनित हुई हैं। इसमें ऋतु चंद्रा को BSF में तैनाती मिली है। वहीं, उनकी छोटी बहन कविता चंद्रा (22 वर्ष) ने CRPF में चयन पाकर वर्दी पहनने का सपना साकार किया। इस एक ही परिवार से तीन बेटियों का चयन पूरे रायगढ़ जिले के लिए गर्व का विषय बन गया है।

संघर्ष और समर्पण की कहानी
इन बहनों की सफलता अचानक नहीं आई। सीमित संसाधनों और ग्रामीण परिवेश के बावजूद तीनों ने लगातार अध्ययन, फिजिकल ट्रेनिंग और अनुशासित दिनचर्या के जरिए अपनी तैयारी पूरी की। उनका यह उत्साह और समर्पण आज क्षेत्र के युवाओं, खासकर लड़कियों के लिए प्रेरणा बन गया है।
गांव में खुशी का माहौल
जैसे ही परिणाम घोषित हुए, भेलवाडीह में खुशी की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों ने इसे केवल एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे गांव की उपलब्धि माना। इस ऐतिहासिक सफलता पर भाजपा युवा नेता हीरामणि पटेल, गिरिस पटेल, लक्ष्मी चंद्रा, दिनेश चंद्रा, बंटी जीवन, जयलाल पटेल, महाबीर पटेल, लचन चंद्रा और मोतीलाल डॉक्टर सहित अन्य गणमान्य नागरिकों ने बधाई और शुभकामनाएं दीं।
युवाओं में बढ़ा देश सेवा का जज़्बा
विशेषज्ञों का मानना है कि इस सफलता का प्रभाव दूरगामी होगा। खरसिया अंचल की अन्य छात्राओं और युवाओं में सेना, पुलिस और अर्धसैनिक बलों में जाने का उत्साह बढ़ेगा। खेल और फिजिकल ट्रेनिंग से जुड़े स्थानीय युवा भी इस खबर से नई ऊर्जा महसूस कर रहे हैं।
जल्द ही कविता, उर्वशी और ऋतु प्रशिक्षण के लिए रवाना होंगी। इसके बाद ये तीनों बहनें देश की सीमाओं पर तैनात होकर न केवल सुरक्षा सुनिश्चित करेंगी, बल्कि छत्तीसगढ़, रायगढ़ और खरसिया का गौरव भी बढ़ाएंगी।


