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स्वयं पर विश्वास करना ही सफलता की पहली सीढ़ी है सपन देवांगन

अधिवक्ता परिषद ने मनाई स्वामी विवेकानंद की जयंती

जगदलपुर । जिला अधिवक्ता परिषद ने आज स्वामी विवेकानंद की जयंती धरमपुरा परिसर में मनाई।सबसे पहले विवेकानंदजी की मुर्ति पर माल्यार्पण कर किया कर अधिवक्ता परिषद के मध्य भारत की सहसंयोजक वरिष्ठ अधिवक्ता झरना बांगर ने अपने संबोधन में कहा कि आज भारत के गौरव आध्यात्मिक गुरु स्वामी विवेकानंद की जयंती है। स्वामी विवेकानंद करोड़ों युवाओं के प्रेरणास्त्रोत हैं, इसलिए इनका जन्मदिन 12 जनवरी को देश में राष्ट्रीय युवा दिवस के तौर पर मनाया जाता है।

ये स्वामी विवेकानंद ही थे, जिन्होंने विदेशों में भारतीय योग-वेदांत की शिक्षा व दर्शन को विदेशों में ख्याति दिलवाई। एबीएपी के संभागीय अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता सपन देवांगन ने कहा कि विवेकानंदजी कहते कि एक समय में एक काम करो और ऐसा करते समय अपनी पूरी आत्मा उसमे डाल दो और बाकि सब कुछ भूल जाओ, स्वयं पर विश्वास करना ही सफलता की पहली सीढ़ी है।

अधिवक्ता अर्पित मिश्रा ने कहा कि पहले हर अच्छी बात का मजाक बनता है फिर विरोध होता है और फिर उसे स्वीकार लिया जाता है। अधिवक्ता श्रीनिवास रथ ने अपने संबोधन में विवेकानंदजी के सम्पुण व्यक्तित्व का वर्णन करते हुए कहा कि एक अच्छे चरित्र का निर्माण हजारो बार ठोकर खाने के बाद ही होता है।

इस अवसर  झरना बांगर सिंह, प्रतिमा राय, अर्पित मिश्रा, श्रीनिवास रथ, उमेश ठाकुर, तापस विश्वास, अदिति रावत, अर्चना पानीग्राही, अधिवक्ता सहित बड़ी संख्या में विश्व विद्यालय के छात्र व छात्राएं उपस्थित थे।