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घरघोड़ा से लैलूंगा तक पीडीएस बारदाना घोटाला, दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों ने 22.33 लाख डकारे

विपणन विभाग के दो दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी और ड्राइवर ने मिलकर 22 लाख 33 हजार 525 रुपए का पीडीएस बारदाना बाजार में बेच दिया है। तीनों के खिलाफ विभाग के अधिकारियों ने लैलूंगा पुलिस में मामला दर्ज कराया है।दोनों कर्मचारी डीएम पर्ची और गोदाम का स्टॉक पंजी लेकर फरार हो गया हैं। पुलिस अब दोनों की तलाश कर रही है। खास बात यह है कि दोनों दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी हैं। ऐसे में शासन को हुई इतनी नुकसानी की भरपाई कहां से होगी यह सवाल उठने लगा है।

जिनके खिलाफ पुलिस में एफआईआर कराई गई है उसमें ड्राइवर किशन निषाद, पिता रामचरण निषाद भुंईयापानी लैलूंगा,दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी ( कलेक्टर दर) देवकुमार यादव पिता छेडूराम वार्ड क्रमांक 06 घरघोड़ा और शिवाकांत तिवारी पिता दिवाकर तिवारी घरघोड़ा शामिल है।तीनों के खिलाफ धारा 173 बीएनएस 316 (3) 3 (5) के तहत अपराध दर्ज किया गया है।

बीते एक जून से 31 दिसंबर तक लैलूंगा के भूँइयापानी निवासी वाहन चालक किशन निषाद द्वारा लैलूंगा एरिया के विभिन्न राशन दुकानों से पीडीएस बारदाने का उठाव किया गया था। इसका उपयोग धान खरीदी में किया जाना था।लैलूंगा क्षेत्र के दुकानों से 95 हजार 198 नग बारदाना उठाव किया गया था। इसी तरह घरघोड़ा के राशन दुकानों से 51 हजार 500 और तमनार क्षेत्र के दुकानों से 90 हजार 475 नग कुल 2 लाख 37 हजार 173 नग उठाव किया गया था।

इसमें से 1 लाख 44 हजार 907 नग बारदाना विभिन्न धान खरीदी केंद्रों में पहुंचाया गया। इसके बाद जब भौतक सत्यापन किया गया तो ड्राइवर किशन निषाद के घर में 1650 और विपणन विभाग के घरघोड़ा गोदाम में 1275 नग बारदाना मिला। कुल जमा और भौतिक सत्यापन में मिले 1 लाख 47 हजार 832 बारदाना मिला । याने ड्राइवर किशन निषाद और दोनों दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी देवकुमार यादव और शिवाकांत तिवारी ने मिलकर 89 हजार 341 नग पीडीएस बारदाना कीमत 22 लाख 33 हजार 525 को गबन करने की बात कही जा रही है। तीनों के खिलाफ पुलिस ने अपराध दर्ज कर लिया है।