शराब घोटाले में एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट द्वारा गिरफ्तारी के बाद सौम्या चौरसिया ने आज हाई कोर्ट में बेल पिटीशन फाइल की। सुनवाई कल होगी। इससे पहले, EOW के प्रोडक्शन वारंट पर भी 8 जनवरी को सुनवाई होगी।
ED छत्तीसगढ़ शराब घोटाले की जांच कर रहा है। ED ने शराब घोटाले के संबंध में ACB में FIR दर्ज की है, जिसमें ₹3,200 करोड़ से ज़्यादा के घोटाले का आरोप है। ED ने अपनी जांच में पाया कि यह घोटाला तत्कालीन भूपेश बघेल सरकार के कार्यकाल के दौरान IAS अधिकारी अनिल टुटेजा, एक्साइज डिपार्टमेंट के MD एपी त्रिपाठी और बिजनेसमैन अनवर ढेबर के एक सिंडिकेट के ज़रिए किया गया था।
शराब कारोबार में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार
एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) छत्तीसगढ़ के बदनाम शराब घोटाला की जांच कर रहा है। ED ने इस मामले में एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB) में FIR दर्ज की है, जिसमें ₹3,200 करोड़ से ज़्यादा के घोटाले का दावा किया गया है।
कहा जाता है कि IAS ऑफिसर अनिल टुटेजा, एक्साइज़ डिपार्टमेंट के तत्कालीन MD एपी त्रिपाठी और बिज़नेसमैन अनवर ढेबर ने इस कथित सिंडिकेट में अहम भूमिका निभाई थी। जांच एजेंसी का आरोप है कि इस नेटवर्क ने सरकारी शराब की दुकानों से गैर-कानूनी कमीशन, नकली होलोग्राम और ऑफ-द-बुक बिक्री के ज़रिए करोड़ों रुपये की गैर-कानूनी कमाई की।
इस सिलसिले में गिरफ्तार की गई सौम्या चौरसिया ने ED द्वारा गिरफ्तारी के बाद हाई कोर्ट में बेल पिटीशन फाइल की है, जिस पर कल सुनवाई होनी है। EOW के प्रोडक्शन वारंट पर 8 जनवरी को सुनवाई होगी और ट्रायल 13 जनवरी से शुरू होने वाला है।
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