जांच की मांग तेज, जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर उठे सवाल
लैलूंगा – तहसील अंतर्गत ग्राम गोसाईडीह में शासकीय भूमि पर हो रहे अवैध निर्माण का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। इस प्रकरण में न्यायालय तहसीलदार लैलूंगा (सक्षम व्यवहार न्यायालय) द्वारा दिनांक 12.01.2026 को प्रकरण क्रमांक 653/वाचक-1/तह./2026 में अवैध निर्माण पर स्थगन आदेश जारी किया गया था, लेकिन इसके बावजूद आदेश की अवहेलना और प्रशासनिक उदासीनता की बातें सामने आ रही हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम गोसाईडीह, पटवारी हल्का नंबर 20 के अंतर्गत स्थित खसरा नंबर 220, रकबा 2.007 हेक्टेयर शासकीय भूमि पर ग्राम अंगेकेला निवासी सुरेश साहू पिता हरिराम साहू के द्वारा अवैध रूप से पक्का निर्माण किया जा रहा है। न्यायालय के स्पष्ट आदेश के बाद भी यदि मौके पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है, तो यह सीधे तौर पर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।
स्थानीय लोगों का मानना है कि न्यायालय के आदेश जारी होने के बाद संबंधित विभागों को तुरंत सख्ती दिखानी चाहिए थी, लेकिन अब तक कोई ठोस और निर्णायक कदम न उठाए जाने से शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा करने वाले के हौसले बुलंद हैं। इससे शासन की कीमती भूमि को नुकसान पहुँचने की आशंका भी जताई जा रही है।
नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए कहा है कि यह भी स्पष्ट किया जाए कि न्यायालय के आदेश के बावजूद कार्रवाई में देरी क्यों हुई और किन अधिकारियों की लापरवाही से यह स्थिति बनी। साथ ही दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई कर निर्माण तत्काल बंद कराने की मांग की गई है, ताकि भविष्य में शासकीय भूमि पर इस तरह की मनमानी पर रोक लग सके।
निर्माण कार्य बंद करा दिया है, अवैध निर्माण तोड़ा जाएगा-तहसीलदार
तहसीलदार लैलूंगा शिवम पांडेय ने बताया कि स्थगन आदेश के बाद भी शासकीय भूमि पर अवैध पक्का निर्माण जारी था जिसे मेरे द्वारा स्वयं जाकर बंद करा दिया है। और अवैध निर्माण को जल्द ही तोड़ दिया जाएगा। शासकीय भूमि को कब्जा मुफ्त कराया जाएगा।



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