Skip to content

कड़ी सुरक्षा के बीच जगदलपुर में संपन्न हुई बाल देखरेख संस्था अधीक्षक परीक्षा

पीएससी सदस्य श्री प्रवीण वर्मा ने किया निरीक्षण

जगदलपुर, 18 जनवरी 2026/ छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत अधीक्षक (बाल देखरेख संस्था) के पदों पर भर्ती के लिए रविवार को आयोजित परीक्षा जिला प्रशासन की देखरेख में शांतिपूर्ण और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुई। परीक्षा की शुचिता और व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के सदस्य श्री प्रवीण वर्मा विशेष रूप से जगदलपुर पहुंचे।

उन्होंने परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण किया और वहां की सुरक्षा व प्रशासनिक तैयारियों पर संतोष व्यक्त करते हुए इसे पारदर्शिता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। कलेक्टर श्री हरिस एस के निर्देशों के चलते परीक्षा को सुचारू रूप से सुनिश्चित करने के लिए प्रशासनिक अमले ने सुरक्षा की बेहतर व्यवस्था की थी। परीक्षा संचालन निरीक्षण के दौरान अपर कलेक्टर श्री सीपी बघेल सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।

जगदलपुर शहर में निर्धारित दो परीक्षा केंद्रों पर सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक चली इस परीक्षा में अभ्यर्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कुल पंजीकृत 1045 अभ्यर्थियों में से 784 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए और अपना भाग्य आजमाया। केंद्रों के अनुसार शासकीय काकतीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में दर्ज 545 में से 400 परीक्षार्थी तथा जगतू माहरा शासकीय बहुउद्देशीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में 500 में से 384 परीक्षार्थियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। उक्त परीक्षा को सुव्यवस्थित संचालित करने के लिए डिप्टी कलेक्टर सुश्री नंदनी साहू को नोडल अधिकारी का दायित्व सौंपा गया था।

सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए प्रशासन ने बहुस्तरीय इंतजाम किए थे। एक विशेष उड़नदस्ता दल का गठन किया गया था, जिसमें नायब तहसीलदार श्री डोमन लाल, सहायक अधीक्षक भू-अभिलेख श्री ब्रज भूषण देवांगन और सहायक उप निरीक्षक श्री राजकुमार शामिल थे। यह दल लगातार दोनों केंद्रों का भ्रमण कर स्थिति पर पैनी नजर बनाए रहा। आयोग द्वारा इस बार अपनाए गए सख्त रवैये के तहत परीक्षा केंद्रों में जैमर लगाए गए थे ताकि संचार साधनों का किसी भी रूप में दुरुपयोग न हो सके।

इसके अतिरिक्त प्रवेश द्वार पर तैनात पुलिसकर्मियों ने मेटल डिटेक्टर के जरिए प्रत्येक अभ्यर्थी की गहन तलाशी के बाद ही उन्हें प्रवेश दिया गया। प्रशासनिक सख्ती और आयोग के कड़े दिशा-निर्देशों का असर अभ्यर्थियों के ड्रेस कोड और समय पालन में भी स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। परीक्षार्थी जींस, कार्गो पैंट या गहरे रंग के कपड़ों के बजाय केवल हल्के रंग के आधी बांह वाले कपड़े और सामान्य पैंट पहनकर ही पहुंचे।

मोटे सोल वाले जूतों पर प्रतिबंध होने के कारण अभ्यर्थियों को केवल पतले सोल वाली चप्पलें या स्लीपर पहनने की अनुमति दी गई। समय की पाबंदी को लेकर भी प्रशासन बेहद सतर्क रहा और निर्धारित समयानुसार परीक्षा शुरू होने से 15 मिनट पूर्व यानी सुबह 9:45 बजे ही केंद्रों के मुख्य द्वार बंद कर दिए गए। परीक्षा कक्ष के भीतर अभ्यर्थियों को केवल प्रवेश पत्र, मूल पहचान पत्र और पेन ले जाने की अनुमति थी, जबकि मोबाइल और स्मार्ट वॉच जैसे इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स पूरी तरह प्रतिबंधित रहे।