Skip to content

बस्तर का बढ़ा मान, बड़ी दीदी को पद्मश्री सम्मान

ढेर सारी बधाई एवं शुभकामनाओं के साथ नारी शक्ति को सलाम, जिन्होंने शिक्षा के उजाले से पूरे क्षेत्र को रोशन किया चित्रकोट विधानसभा के लोकप्रिय विधायक मा.श्री विनायक गोयल जी।

बस्तर के घोर नक्सल प्रभावित क्षेत्र से समाज सेवा की अलख जगाने वाली “बुधरी ताती जी”  को देश के प्रतिष्ठित पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किया जाना बस्तर, छत्तीसगढ़ के लिए अत्यंत गौरव का क्षण है। यह सम्मान न केवल उनके व्यक्तिगत संघर्ष और समर्पण का प्रतीक है, बल्कि छत्तीसगढ़ की जनजातीय संस्कृति, कला और सेवा भावना को भी राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित करता है।

पिछले चार दशकों से “बुधरी ताती जी”  बालिकाओं एवं महिलाओं की शिक्षा, आत्मनिर्भरता तथा बुजुर्गों की सेवा के लिए निरंतर समर्पित रही हैं। उनके प्रयासों से सैकड़ों महिलाएं आत्मनिर्भर बनीं और उन्हें समाज में सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अधिकार प्राप्त हुआ। आज अबूझमाड़ की महिलाएं पूरे देश के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं।

दंतेवाड़ा जिले की तहसील गीदम के ग्राम हीरानार में जन्मी बुधरी ताती जी का सामाजिक जीवन संघर्ष और सेवा से परिपूर्ण रहा है। प्रारंभ में वे दिव्य जीवन संघ, शाखा गुमरगुंडा से जुड़ीं। इसके पश्चात उनका संपर्क वनवासी कल्याण आश्रम के स्वर्गीय द्वारिका आचार्य जी से हुआ, जहां से उन्होंने राष्ट्रीय सेविका संघ में प्रशिक्षण प्राप्त किया।

प्रशिक्षण के उपरांत उन्होंने रानी दुर्गावती कन्या छात्रावास, भानपुरा में दो वर्षों तक सेवा दी, तत्पश्चात बारसूर क्षेत्र में कार्य किया। आगे चलकर उन्होंने अबूझमाड़ क्षेत्र में शिक्षा की अलख जगाते हुए बालक-बालिका छात्रावास तथा महिलाओं के प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना की। यह केंद्र आगे चलकर क्षेत्र के लिए मील का पत्थर साबित हुआ।

इस केंद्र से प्रशिक्षण प्राप्त कर अनेक महिलाएं आज समाज सेविका के रूप में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं और अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनी हुई हैं।

बुधरी ताती जी को प्राप्त यह पद्मश्री सम्मान निश्चय ही बस्तर की धरती, उसकी संघर्षशील महिलाओं और जनजातीय समाज की अदम्य चेतना को देशभर में सम्मान दिलाने वाला है।
#PadmaAwards