राज्य सरकार की सुचारू, पारदर्शी और किसान हितैषी नीति के कारण जिले में धान खरीदी सुव्यवस्थित जारी है। साथ ही उपार्जन केन्द्रों से धान के उठाव में तेजी आई है। धान खरीदी को आसान बनाने की दिशा में राज्य सरकार की निर्णायक कदम से धान विक्रय की प्रक्रिया सरल हुई है। धान बेचने के बाद त्वरित भुगतान का किसानों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है।
सरकार की व्यवस्था से प्रभावित होकर किसान अपनी उपज बेचने टोकन प्राप्त निर्धारित तिथि अनुसार उपार्जन केन्द्र पहुंच रहे हैं। जिले में अब तक 1,03,970.37 लाख रूपए की लागत से 4,38,611.04 मे. टन धान की खरीदी हो चुकी है। समय पर भुगतान राशि मिलने पर 85117 किसान लाभान्वित हुए हैं।
उपार्जन केन्द्रों से धान की उठाव भी तेजी से होने लगी है। उठाव हेतु 2,40,735.14 मे. टन धान का डीओ जारी हुआ है। अब तक उपार्जन केन्द्रों से 1,73,852.22 मे. टन धान का उठाव किया जा चुका है। सरकार की इस पारदर्शी व्यवस्था में किसान भी सहभागी बनते हुए धान बेचने के पश्चात् रकबा समर्पण करने आगे आ रहे हैं।
जिससे बिचौलियों को अपनी धान खपाने का अवसर नहीं मिला है। जिले में अब तक धान बेच चुके 47575 कृषकों ने 1,386.29 हेक्टेयर रकबा समर्पण कर चुके हैं। उपार्जन केन्द्रों में धान बेचने के लिए पहुंचने वाले किसानों हेतु जिला प्रशासन द्वारा समुचित प्रबंध किया गया है। वर्तमान में उपार्जन केन्द्रों में बारदाने की पर्याप्त व्यवस्था है। इसके तहत केन्द्रों में 23,60,036 बारदाने उपलब्ध है।
Related Articles

पत्रकार सुरक्षा कानून के कड़ाई से पालन की मांग को लेकर जगदलपुर में एक दिवसीय धरना
Jun 15, 2026
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में नये भारत,समृद्ध और सशक्त भारत का निर्माण हो रहा है – भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव
Jun 14, 2026
