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वन विभाग की चुप्पी में उजड़ता महराजी जंगल

‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान पर भारी अवैध कटाई, बीट 380 में कुल्हाड़ी का आतंक

बलौदाबाजार। जहां एक ओर सरकार पर्यावरण संरक्षण को लेकर बड़े-बड़े अभियान और दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर ज़मीनी सच्चाई इन दावों को आइना दिखा रही है। जिले के अर्जुनी रेंज अंतर्गत महराजी जंगल की बीट क्रमांक 380 में हरे-भरे पेड़ों की खुलेआम अवैध कटाई जारी है, लेकिन जिम्मेदार वन विभाग रहस्यमयी चुप्पी साधे हुए है।

सबसे चिंताजनक बात यह है कि यह अवैध कटाई ऐसे समय पर हो रही है, जब राज्य सरकार “एक पेड़ माँ के नाम” जैसे भावनात्मक अभियान के ज़रिये लोगों को वृक्ष संरक्षण के लिए प्रेरित कर रही है। सवाल उठता है कि जब सरकार संरक्षण का संदेश दे रही है, तब महराजी जंगल में कुल्हाड़ी किसकी शह पर चल रही है?

स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि बीट क्रमांक 380 में लंबे समय से पेड़ों की कटाई बेरोकटोक हो रही है। कई बार इसकी जानकारी वन विभाग को दी गई, लेकिन न तो मौके पर कोई निरीक्षण हुआ और न ही दोषियों पर कोई कार्रवाई। इससे ग्रामीणों में यह आशंका गहराती जा रही है कि बिना विभागीय संरक्षण के इतना बड़ा अवैध खेल संभव नहीं है।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो आने वाले समय में यह जंगल केवल रिकॉर्ड और फाइलों तक ही सिमट कर रह जाएगा। लगातार कट रहे पेड़ों से पर्यावरण संतुलन बिगड़ रहा है और वन्य जीवों का प्राकृतिक आवास भी तेजी से नष्ट हो रहा है।

एक ओर पौधारोपण के फोटो, विज्ञापन और सरकारी दावे सामने आ रहे हैं, तो दूसरी ओर महराजी जंगल में जारी अवैध कटाई इन आदेशों की खुली अवहेलना है। इससे वन विभाग की निगरानी व्यवस्था, कार्यशैली और नीयत—तीनों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

अब जरूरत है कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। दोषी वन अधिकारियों और लकड़ी माफियाओं पर सख्त कार्रवाई हो, ताकि जंगलों को बचाया जा सके और “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान केवल नारा बनकर न रह जाए, बल्कि जमीन पर भी दिखाई दे।