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राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026 का भव्य समापन, जागरूकता में उत्कृष्ट योगदान देने वाले विद्यार्थियों का सम्मान

रायगढ़ । सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और आम नागरिकों को सुरक्षित यातायात के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से जिले में 1 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक मनाए गए राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह का शुक्रवार को पुलिस सामुदायिक भवन प्रांगण में भव्य समापन किया गया। समापन समारोह में जागरूकता अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाने वाले स्कूली विद्यार्थियों को पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में नगर निगम महापौर जीवर्धन चौहान, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह, पूर्व सभापति सुरेश गोयल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी एवं डीएसपी ट्रैफिक उत्तम प्रताप सिंह मंचासीन रहे। अतिथियों ने विद्यार्थियों और नागरिकों को यातायात नियमों के पालन का संदेश देते हुए सड़क सुरक्षा को सामूहिक जिम्मेदारी बताया।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि सड़क दुर्घटनाएं आज एक गंभीर सामाजिक चुनौती बन चुकी हैं। इसे नियंत्रित करने के लिए पुलिस, परिवहन विभाग, एनएच एवं पीडब्ल्यूडी सहित विभिन्न एजेंसियां समन्वय के साथ कार्य कर रही हैं। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे यहां से “संदेशदूत” बनकर जाएं और अपने घर-परिवार व समाज में ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूकता फैलाएं। विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों से हेलमेट पहनने एवं नियमों के पालन के लिए परिवार के सदस्यों को प्रेरित करने का आग्रह किया गया।

महापौर जीवर्धन चौहान ने हेलमेट और सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग, ओवरस्पीडिंग से बचाव तथा नशे की हालत में वाहन न चलाने की अपील करते हुए कहा कि थोड़ी-सी सावधानी से कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी ने कहा कि हेलमेट और यातायात नियमों का पालन जीवन सुरक्षा का सबसे प्रभावी साधन है। उन्होंने नागरिकों से स्वयं नियमों का पालन करने के साथ-साथ दूसरों को भी जागरूक करने का आह्वान किया।

डीएसपी ट्रैफिक उत्तम प्रताप सिंह ने बताया कि सड़क सुरक्षा माह के दौरान जिलेभर में जागरूकता रथ, नुक्कड़ नाटक, हेलमेट वितरण, हेलमेट जागरूकता रैली सहित कई अभियान चलाए गए। इस अवधि में 1850 छोटे-बड़े वाहनों में रेडियम टेप लगाए गए। अमलीभौना एनएच रोड एवं ट्रॉमा सेंटर पूंजीपथरा में आयोजित स्वास्थ्य एवं नेत्र परीक्षण शिविरों से लगभग 645 भारी वाहन चालक लाभान्वित हुए।
इसके अलावा 42 शैक्षणिक संस्थानों में विद्यार्थियों से संवाद किया गया तथा रामलीला मैदान में लर्निंग लाइसेंस शिविर के माध्यम से 278 नए वाहन चालकों को सुविधा प्रदान की गई।

विद्यालयीन स्तर पर “सड़क सुरक्षा, जीवन रक्षा” विषय पर चित्रकला, स्लोगन लेखन एवं रंगोली प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें शहर के 18 स्कूलों के विद्यार्थियों ने भाग लिया। ग्रामीण क्षेत्रों में जिन्दल फाउंडेशन, अडानी ग्रुप एवं अनुज सिंह ट्रांसपोर्टर के सहयोग से दोपहिया चालकों को निःशुल्क हेलमेट वितरित किए गए।

समापन अवसर पर साधुराम विद्या मंदिर, संस्कार पब्लिक स्कूल एवं श्री चैतन्य टेक्नो स्कूल के विद्यार्थियों ने सड़क सुरक्षा पर आधारित नुक्कड़ नाटक और नृत्य प्रस्तुत कर प्रभावशाली संदेश दिया। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित अधिकारियों, विद्यार्थियों और नागरिकों ने सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित यातायात व्यवस्था के निर्माण का सामूहिक संकल्प लिया।

कार्यक्रम में यातायात पुलिस स्टाफ, पुलिस परिवार, मीडिया प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।