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अमेरिका-भारत संबंधों में फिर से गर्माहट की उम्मीद, व्यापारिक तनाव कम होने के संकेत

अमेरिका और भारत के बीच हाल के महीनों में व्यापारिक रिश्तों में आई खटास अब धीरे-धीरे कम हो सकती है। ट्रंप प्रशासन द्वारा लगाए गए टैरिफ के बाद दोनों देशों के बीच व्यापारिक दूरी बढ़ी थी, लेकिन अब हालात बदलने के संकेत मिल रहे हैं।

रूसी तेल के विकल्प के तौर पर भारत को वेनेजुएला का कच्चा तेल देने का प्रस्ताव

डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने भारत को संकेत दिया है कि अमेरिका जल्द ही भारत के लिए वेनेजुएला से कच्चे तेल की आपूर्ति शुरू करा सकता है। यह पहल रूस से आयात होने वाले तेल के विकल्प के रूप में देखी जा रही है। भारत ने हाल के समय में रूसी तेल की खरीद में उल्लेखनीय कमी की है, जिससे पैदा हुई आपूर्ति की कमी को वेनेजुएला का तेल पूरा कर सकता है।

रॉयटर्स का खुलासा, अमेरिका की रणनीति में भारत अहम कड़ी

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका का यह कदम केवल व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे भू-राजनीतिक रणनीति भी जुड़ी हुई है। वाशिंगटन लंबे समय से चाहता है कि रूस की तेल से होने वाली आमदनी कम हो, क्योंकि अमेरिका का आरोप है कि रूस इस धन का उपयोग युद्ध में करता है।

वेनेजुएला पर पहले लगाया था 25 प्रतिशत टैरिफ, अब बदली नीति

गौरतलब है कि मार्च 2025 में ट्रंप प्रशासन ने वेनेजुएला के तेल पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाया था। इसके बाद 3 जनवरी को अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हिरासत में लिए जाने के घटनाक्रम के बाद वाशिंगटन की नीति में बदलाव देखने को मिला।

भारत के लिए तेल आपूर्ति और टैरिफ में राहत का बन सकता है रास्ता

अगर भारत वेनेजुएला से कच्चा तेल आयात शुरू करता है, तो यह अमेरिका की रणनीति के अनुरूप होगा। इसके बदले में संभावना जताई जा रही है कि अमेरिका भारत पर लगाए गए 50 प्रतिशत टैरिफ में बड़ी कटौती कर सकता है। इससे दोनों देशों के बीच दोबारा ट्रेड डील पर बातचीत शुरू होने का रास्ता साफ हो सकता है।

व्यापारिक समझौते की वापसी से भारत-अमेरिका रिश्तों को मिल सकती है नई दिशा

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह प्रस्ताव अमल में आता है, तो इससे भारत-अमेरिका के व्यापारिक और कूटनीतिक रिश्तों को नई मजबूती मिलेगी। ऊर्जा सुरक्षा के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर दोनों देशों की साझेदारी और गहरी हो सकती है।